अमृतसर एयरपोर्ट पर इंडिगो का ‘फ्लाइट संकट’: 13 उड़ानें रद्द, रिफंड के लिए मची अफरा-तफरी; यात्री बेहाल
इंडिगो विमान सेवा पर छाये अस्थिरता के बादलों के नीचे खड़े यात्री भारी परेशानी से जूझ रहे हैं। इस ट्रैवल ट्रेजेडी के बाद हजारों लोग अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए। श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को इंडिगो एयरलाइंस की 13 उड़ानें रद होने की घोषणा की गई। इसके बाद से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। लोग इंडिगो के काउंटरों पर रिफंड पाने के लिए खड़े रहे। दोपहर 12 बजे तक एयरपोर्ट प्रशासन ने इन सभी उड़ानों को रद घोषित किया। इस कारण दिनभर यात्रियों की भीड़ और नाराजगी का माहौल बना रहा। यात्रियों ने मांग की है कि उन्हें न केवल पूरी जानकारी दी जाए बल्कि उनकी बुकिंग को बिना अतिरिक्त शुल्क के री-शेड्यूल किया जाए या तत्काल टिकट राशि वापस की जाए।
फ्लाइट रद होने की जानकारी के बाद कई यात्री हवाई अड्डे पर ही फंस गए। इनमें बुजुर्ग, छोटे बच्चे और विदेश जाने वाले छात्र भी शामिल रहे, जिन्हें नए टिकट बुक कराने अथवा पैसे की वापसी के लिए घंटों तक परेशान होना पड़ा। वहीं, छोटे बच्चों के साथ सफर कर रहीं कई महिलाओं ने कहा कि लंबी प्रतीक्षा और भीड़ के कारण बच्चों को काफी दिक्कत हुई। हवाई अड्डे पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि इंडिगो स्टाफ से स्पष्ट जवाब न मिलने के कारण उन्हें कई घंटे इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों का कहना था कि उन्हें उड़ानों के रद होने की सूचना समय रहते नहीं दी गई, जिसके चलते उन्हें अमृतसर एयरपोर्ट तक आने में भी अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ा।
श्रीनगर से आए कुछ यात्री जो अमृतसर से आगे दिल्ली और विदेश कनेक्टिंग उड़ानों के लिए यात्रा कर रहे थे, उनमें से साजन नामक व्यक्ति ने कहा कि फ्लाइट रद होने से उनका वीजा इंटरव्यू और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रभावित हो गए। अमृतसर से बेंगलुरु जा रहे युवक साहिल ने बताया कि वह रिश्तेदार की रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए जाना चाहता था लेकिन मौके पर ही फ्लाइट रद कर दी गई। रिफंड पाने के लिए दो घंटे का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद अन्य विमान सेवा का टिकट प्राप्त किया और अब बेंगलुरु जाने की प्रतीक्षा कर रहा है। प्रेम शर्मा नामक बुजुर्ग यात्री बेंगलुरु जाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि सुबह दस बजे से वे हवाई अड्डे पर बैठे हैं लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि अगली उड़ान कब मिलेगी। एयरपोर्ट प्रशासन को लोगों की समस्या समझनी चाहिए। उन्हें परेशान करने के बजाय समस्या का हल निकाला जाए।
