भारत की अर्थव्यवस्था ने रचा इतिहास, Japan को पछाड़कर बनी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी शक्ति
साल 2025 में भारत की अर्थव्यवस्था ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान प्राप्त कर लिया है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के आंकड़ों के अनुसार, भारत की जीडीपी का कुल मूल्यांकन अब 4.18 ट्रिलियन डॉलर (लगभग ₹350 लाख करोड़) हो गया है।
आर्थिक मोर्चे पर यह सफलता कई सकारात्मक संकेतकों के साथ आई है। दूसरी तिमाही (Q2) में भारत की जीडीपी ग्रोथ बढ़कर 8.2% रही, जो वैश्विक मानकों पर काफी मजबूत प्रदर्शन है। ऊंची ग्रोथ रेट और कम महंगाई के इस दौर को ‘गोल्डिलॉक्स पीरियड’ कहा जाता है, जो देश की आर्थिक स्थिरता को दर्शाता है।
महंगाई और बेरोजगारी में बड़ी राहत
आम जनता के लिए सबसे बड़ी राहत खुदरा महंगाई (CPI) के मोर्चे पर मिली। साल की शुरुआत में 4.26% रही महंगाई दर नवंबर तक गिरकर 0.71% पर आ गई। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में आई गिरावट इसका मुख्य कारण रही। महंगाई नियंत्रण में होने के कारण आरबीआई ने ब्याज दरों में भी 0.25% की कटौती की, जिससे होम लोन और कार लोन सस्ते होने की उम्मीद है।
रोजगार के मोर्चे पर भी नवंबर का महीना काफी अच्छा रहा। नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (PLFS) के आंकड़ों के मुताबिक, देश की कुल बेरोजगारी दर अक्टूबर के 5.2% से घटकर नवंबर में 4.7% पर आ गई है। यह अप्रैल 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
भविष्य की योजनाएं और लक्ष्य
भारत अब अगले 2.5 से 3 साल में जर्मनी को भी पीछे छोड़ने की तैयारी कर रहा है। अनुमान है कि साल 2030 तक भारत 7.3 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के साथ दुनिया में तीसरे नंबर पर आ जाएगा। सरकार ने 2047 तक भारत को उच्च मध्यम-आय वाला देश बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए आर्थिक वृद्धि, संरचनात्मक सुधार और सामाजिक प्रगति को आधार बनाया जा रहा है।
