IAS रिंकू सिंह ने मांगी कैडर ट्रांसफर, UP नौकरशाही पर उठाए सवाल, ‘not suitable’ कहा
उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए प्रदेश की नौकरशाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि वह यूपी की वर्तमान नौकरशाही संस्कृति के लिए उपयुक्त नहीं हैं और दूसरे राज्य/कैडर में ट्रांसफर चाहते हैं। राही के अनुसार, यहां संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप कार्य करना असंभव है, क्योंकि भ्रष्टाचार और माफिया को शीर्ष स्तर से संरक्षण मिलता है।
उन्होंने लिखा कि सबसे बड़ी समस्या माफिया या भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि उन्हें ऊपर से मिलने वाला खुला संरक्षण है। इसके कारण सुधार का संघर्ष निरर्थक हो जाता है और ऊर्जा व्यवस्था को सुधारने के बजाय उसे बिगड़ने से रोकने में खर्च होती है। राही ने यह भी कहा कि ईमानदार अफसरों के लिए यह एक चुनौती है कि यदि वे सफल नहीं हो पाए तो दूसरा कैसे करेगा।
सूचना और एआई के युग में सुप्रशासन सिर्फ इच्छाशक्ति का सवाल है, लेकिन जब शासन को पूरे प्रदेश में एक भी ऐसी तहसील नहीं मिल पा रही जहां बिना संरक्षण के काम हो सके, तो बड़े स्तर पर बदलाव की उम्मीद मुश्किल है। उन्होंने कहा कि देश और आत्मपरीक्षण के हित में उनके लिए बेहतर होगा कि वे किसी अन्य राज्य/कैडर में जाकर काम करें और देखें कि अनुकूल माहौल में कितना बदलाव ला सकते हैं।
राही ने नौकरशाहों के ‘खुद जियो और खुद को लाभ पहुंचाने वालों को जीने दो’ वाले रवैये पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हार ही तो होगी, लेकिन हार के डर से कोशिश करना नहीं छोड़ सकते। यदि केवल सुप्रशासन सुनिश्चित करने के लिए ही लगातार टकराव करते रहना पड़े, तो अर्जित योग्यता और क्षमता का सार्थक उपयोग मुश्किल है।
यह भी बताया गया है कि रिंकू सिंह लगातार भ्रष्टाचार और भ्रष्ट लोगों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। 2009 में छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा करने पर उन पर जानलेवा हमला किया गया था और उन्हें सात गोलियां मारी गई थीं। पिछले दिनों ब्लॉक प्रमुख से विवाद के बाद उनका ट्रांसफर कर दिया गया था। इस अधिकारी के इस कदम से प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है, जो आम जनता के लिए बेहतर शासन की उम्मीदों पर सवाल खड़े करती है।
