आगरा में कड़ाही के दूध में बोरेक्स पाउडर का खतरनाक इस्तेमाल, खाद्य सुरक्षा विभाग ने की कार्रवाई | agra news
आगरा शहर में दूध और उससे बनने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। मुनाफा कमाने की अंधी दौड़ में दूधिए और मिठाई विक्रेता सेहत के साथ खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से आने वाले दूध को फटने से बचाने और उसमें गाढ़ापन लाने के लिए प्रतिबंधित बोरेक्स पाउडर का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है, जो मानव शरीर के लिए बेहद हानिकारक है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने हाल ही में छीपीटोला स्थित पुष्पक मिष्ठान भंडार पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिष्ठान से साढ़े 16 किलोग्राम बोरेक्स पाउडर बरामद किया गया। इसके अलावा मौके पर साफ-सफाई के मानकों की भी गंभीर अनदेखी पाई गई, जहां दो मीटर तक टाइल्स का अभाव था और पानी की गुणवत्ता की कोई रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। अनियंत्रित और अस्वच्छ माहौल में चल रहे इस कारोबार को देखते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित कर दिया है और दूध के नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बोरेक्स मिले हुए दूध की पहचान सामान्य आँखों से करना असंभव है। इसके लिए केवल रासायनिक परीक्षण ही एकमात्र विकल्प हैं। शहर में रोजाना लाखों लीटर दूध की खपत होती है, ऐसे में इस तरह के जहरीले रसायनों का इस्तेमाल जनस्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है। प्रशासन ने इस अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए शहरभर में विशेष अभियान शुरू कर दिया है, ताकि मिलावटखोरों पर नकेल कसी जा सके।
