उत्तर प्रदेश विधानसभा में UP Budget पर गरमागरम बहस, विपक्ष ने उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश विधानसभा में हाल ही में पेश किए गए राज्य बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। इस चर्चा के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने बजट के प्रावधानों, खर्चों और राज्य के विकास पर अपने-अपने विचार रखे, जो सीधे तौर पर प्रदेश की 25 करोड़ जनता के जीवन को प्रभावित करते हैं। विपक्ष ने सरकार पर बजट के प्रभावी क्रियान्वयन में विफल रहने का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे राज्य के समग्र विकास का मार्गदर्शक बताया।
विपक्ष के प्रमुख आरोप
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकार स्वीकृत बजट का लगभग आधा ही खर्च कर पा रही है, तो इतना बड़ा बजट पेश करना केवल एक दिखावा है। उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, ग्राम विकास और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कम व्यय पर चिंता जताई। मोना ने युवाओं को आउटसोर्सिंग के माध्यम से कम वेतन पर रोजगार देने को धोखा बताते हुए स्थायी नौकरियों और सम्मानजनक वेतन नीति की मांग की। समाजवादी पार्टी के शिवपाल यादव ने भी बजट को ‘ऊंची दुकान फीके पकवान’ करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के बेरोजगारी दर के आंकड़े जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं और किसानों की लागत बढ़ने के बावजूद उन्हें उपज का पूरा मूल्य नहीं मिल रहा है।
बिजली विभाग पर सवाल
कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह ने बिजली विभाग की विजिलेंस छापेमारी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने 22 घंटे बिजली आपूर्ति का स्वागत करते हुए भी विजिलेंस के नाम पर जनता के उत्पीड़न और भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि विजिलेंस अधिकारियों के ‘काले कारनामों’ पर नजर रखने के लिए एक अलग टीम गठित की जाए।
सरकार और सहयोगी दलों का बचाव
अपना दल (एस) के नेता और कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने UP Budget का बचाव करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और छह करोड़ से अधिक परिवार गरीबी रेखा से ऊपर उठ चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बेरोजगारी दर मात्र 2.24 प्रतिशत रह गई है और देश में बनने वाले मोबाइल फोन का 65 प्रतिशत उत्पादन यूपी में हो रहा है। उन्होंने स्टार्टअप में यूपी को लीडर अवार्ड मिलने का भी जिक्र किया। सुभासपा के नेता और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष से ‘दलीय चश्मा उतारकर’ बजट को देखने का आग्रह किया। उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने और ग्राम पंचायतों के डिजिटलीकरण के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधानों की सराहना की। राजभर ने एक्सप्रेसवे के निर्माण से बढ़ी कनेक्टिविटी और बलिया से लखनऊ की यात्रा के समय में कमी को भी सरकार की उपलब्धि बताया।
