आगरा में ‘ग्रेटर आगरा’ परियोजना, देश की 10 नदियों पर बनेंगी टाउनशिप – Greater Agra
आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) 2026 में अपनी बहुप्रतीक्षित ‘ग्रेटर आगरा’ परियोजना को लॉन्च करने की तैयारी में है, जो शहर के शहरी परिदृश्य को नया आयाम देगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, आगरा के रायपुर और रहनकलां क्षेत्रों में 442 हेक्टेयर भूमि पर देश की 10 प्रमुख नदियों के नाम पर छोटी-छोटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इन टाउनशिप्स में कुल 4353 आवासीय भूखंड उपलब्ध होंगे, जिससे आगरा के निवासियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यवस्थित आवास का अवसर मिलेगा। यह परियोजना आगरा के सुनियोजित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
परियोजना का उद्देश्य और चुनौतियाँ
ADA की यह पहल शहर के बढ़ते विस्तार को ध्यान में रखते हुए की गई है। हालांकि, भूमि अधिग्रहण में कुछ चुनौतियां सामने आई हैं। विशेष भूमि अध्याप्ति (एसएलओ) कार्यालय द्वारा अब तक 372 हेक्टेयर भूमि का मुआवजा वितरित किया जा चुका है, लेकिन प्राधिकरण केवल 142 हेक्टेयर भूमि पर ही कब्जा ले सका है। सार्वजनिक सूचना के बावजूद, कई किसानों ने मुआवजा लेने के बाद भी अपनी भूमि पर फसलें बो दी हैं, जिससे कब्जा लेने में देरी हो रही है। इन चुनौतियों के बावजूद, ADA ने 10 छोटी टाउनशिप विकसित कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से लॉन्च करने की रणनीति बनाई है।
आंतरिक विकास और पंजीकरण प्रक्रिया
‘ग्रेटर आगरा’ परियोजना के तहत प्रत्येक टाउनशिप का क्षेत्रफल 50 हेक्टेयर से कम होगा। प्राधिकरण ने नर्मदापुरम और गंगापुरम नामक टाउनशिप के आंतरिक विकास के लिए निविदाएं जारी कर दी हैं। आंतरिक विकास कार्यों में सड़कों का निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, रिजर्वायर और ओवरहेड टैंक जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल होंगी। ADA के उपाध्यक्ष एम. अरून्मोली ने बताया कि आंतरिक विकास पूरा होने के बाद ही उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपीरेरा) में पंजीकरण कराया जाएगा। भूखंडों या भवनों की बिक्री के लिए यूपीरेरा में पंजीकरण अनिवार्य है, जबकि आंतरिक विकास के लिए इसकी आवश्यकता नहीं होती। इस प्रक्रिया के बाद ही टाउनशिप को बिक्री के लिए लॉन्च किया जाएगा, जिससे खरीदारों को पारदर्शी और नियामक-अनुमोदित विकल्प मिल सकें।
