वेतन-पेंशन में देरी से सरकारी कर्मचारी और पेंशनर परेशान, होली से पहले भुगतान का इंतजार
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को होली से पहले वेतन और पेंशन मिलने की उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है। 28 फरवरी को भुगतान जारी करने के आदेश के बावजूद, कोषागार से भुगतान पाने वाले लगभग 18 लाख कर्मचारियों और इतने ही पेंशनरों को अभी तक उनकी धनराशि नहीं मिली है। यह स्थिति उन्हें असमंजस में डाल रही है कि क्या वे होली का त्योहार बिना वेतन के मनाएंगे।
वित्त विभाग ने फरवरी का वेतन फरवरी में ही देने के आदेश जारी किए थे, और होली पर तीन मार्च को अतिरिक्त छुट्टी के साथ 28 फरवरी को कार्यदिवस भी घोषित किया गया था। हालांकि, कोषागार और बैंक खुले होने के बावजूद, औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी भुगतान अटक गया। सूत्रों के अनुसार, निगमों, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन मिल चुका है, क्योंकि उनका भुगतान ट्रेजरी से नहीं होता है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने इस देरी के लिए अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर भुगतान का आदेश तो जारी हुआ, लेकिन इसके क्रियान्वयन की उचित व्यवस्था नहीं की गई। सचिवालय में भी कर्मचारियों को वेतन-पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है।
सूत्रों का दावा है कि यह समस्या भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पोर्टल पर एक तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुई, जिसने राज्यकर्मियों, शिक्षकों और पेंशनरों के वेतन-पेंशन भुगतान को प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने भी आरबीआई पोर्टल पर तकनीकी समस्या की पुष्टि की है।
इस मामले पर अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार ने आश्वासन दिया है कि वेतन जारी करने की प्रक्रिया जारी है। कुछ कर्मचारियों को भुगतान कर दिया गया है और शेष का भुगतान सोमवार तक उनके खातों में पहुंच जाएगा। इस देरी का सीधा असर लाखों परिवारों की त्योहारी खुशियों पर पड़ सकता है, जो अपने वेतन या पेंशन का इंतजार कर रहे हैं।
