कैपजेमिनी ब्रांड क्वेस्ट में जीएलए विश्वविद्यालय का जलवा, टॉप 10 में मिली जगह।
मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की भावना को सिद्ध करते हुए एक अभूतपूर्व उपलब्धि अपने नाम कर ली है। प्रतिष्ठित कैपजेमिनी ब्रांड क्वेस्ट 2025 में जीएलए यूनिवर्सिटी को देश के शीर्ष 10 सर्वाधिक सक्रिय, सहभागी, ऊर्जावान और प्रभावशाली कैंपसों में शामिल किया गया है। यह गौरव न केवल विश्वविद्यालय के लिए, बल्कि ब्रज क्षेत्र और देश-प्रदेश के लिए भी महान उपलब्धि है, क्योंकि इस अभियान में सहभागिता का स्तर अत्यधिक चुनौतीपूर्ण था और पूरे भारत से 1.25 लाख से अधिक युवा प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया। इस विशाल राष्ट्रीय मंच पर जीएलए का शीर्ष 10 में पहुंचना इसका मजबूत प्रमाण है कि विश्वविद्यालय देश के उन चुनिंदा संस्थानों की श्रेणी में है, जो छात्रों को वास्तविक उद्योग तैयारी, नवाचार क्षमता, नेतृत्व कौशल एवं प्रतिस्पर्धात्मक दृष्टिकोण से सशक्त बनाते हैं।
यह सफलता केवल किसी कार्यक्रम में भाग लेने भर की नहीं, बल्कि यह दर्शाती है कि जीएलए के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्टता, नेतृत्व एवं सक्रिय सहभागिता का ऐसा स्तर प्रदर्शित करते हैं जो उन्हें भीड़ से अलग स्थान दिलाता है। जीएलए के छात्रों ने जिस ऊर्जा, जिज्ञासा, तकनीकी समझ और सीखने की प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया, उसने विश्वविद्यालय को न केवल शीर्ष 10 में पहुंचाया, बल्कि इसे देश के सबसे अधिक एंगेज्ड और उद्योग अनुरूप कैंपसों में भी स्थापित कर दिया है। यह प्रतिष्ठा जीएलए के वर्षों से विकसित मजबूत अकादमिक ढांचे, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, नवाचार संस्कृति, उद्योग सहयोग और प्रोफेशनल स्किल डेवलपमेंट मॉडल का परिणाम है। कैंपस एंबेसडरों की मेहनत ने इस उपलब्धि को और भव्य बना दिया।
विवि के मुख्य वित्त अधिकारी डॉ. विवेक अग्रवाल ने छात्रों के प्रदर्शन को विश्वविद्यालय के सतत नवाचार व प्रगतिशील शिक्षा मॉडल का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए कहा कि जीएलए की यह सफलता आगामी वर्षों में और भी बड़े अवसरों के द्वार खोलेगी। यह राष्ट्रीय सम्मान इस बात को स्पष्ट रूप से स्थापित करता है कि जीएलए यूनिवर्सिटी न केवल शिक्षा के क्षेत्र में, बल्कि उद्योग केंद्रित प्रशिक्षण, नवाचार, नेतृत्व विकास एवं प्रतिस्पर्धात्मक उत्कृष्टता में भी देश के अग्रणी संस्थानों की पंक्ति में मजबूती से खड़ी है। आइईटी के डीन प्रो. अशोक भांसाली ने इसे विश्वविद्यालय के लिए राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रतीक बताकर कहा कि यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि जीएलए आने वाले समय के लिए उद्योग उन्मुख, तकनीकी रूप से दक्ष एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रोफेशनल्स तैयार कर रहा है। महाप्रबंधक प्रशिक्षण एवं विकास डॉ. राजदीप देब ने कहा कि यह पहचान जीएलए के उद्योग शैक्षणिक तालमेल को नई ऊंचाइयों तक ले जाती है और छात्रों को उन कौशलों से सुसज्जित करती है जिनकी मांग आज के वैश्विक रोजगार बाज़ार में सबसे अधिक है।
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