गोरखपुर मंडल में शाम 6 से 8 बजे के बीच सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं
गोरखपुर। मंडल में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से अपर आयुक्त प्रशासन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें विशेष रूप से मंडल में होने वाली दुर्घटनाओं के समय और कारणों पर गौर किया गया।
बैठक में प्रस्तुत यातायात विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मंडल में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं शाम 6 बजे से रात 8 बजे के बीच दर्ज की गई हैं। इस समयावधि में वाहनों की बढ़ती भीड़, रोशनी की कमी और तेज गति को दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण बताया गया। अधिकारियों ने इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए इस विशेष समय में गश्त बढ़ाने, ट्रैफिक नियंत्रण को मजबूत करने और निगरानी तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
गोरखपुर शहर के भीतर गीडा, सहजनवा, कालेसर, बोक्टा, दाना पानी और मोतीराम अड्डा जैसे क्षेत्रों को अत्यंत संवेदनशील घोषित किया गया है, जहाँ दुर्घटनाओं का खतरा अधिक है। स्थानीय स्तर पर फोर लेन सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग के बावजूद, सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने इसे मानकों के विपरीत बताया। इसके विकल्प के रूप में, स्पीड ब्रेकर की जगह रंबल स्ट्रिप्स लगाने, चेतावनी संकेतकों को बेहतर बनाने, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को दुरुस्त करने और पुलिस की सक्रियता बढ़ाने जैसे सुझावों पर सहमति बनी।
बैठक में गोरखपुर के अलावा कुशीनगर, देवरिया और महाराजगंज जनपदों के ब्लैक स्पाट्स (जहाँ बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं) पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से महाराजगंज-ठूठीबारी मार्ग को निर्माण कार्य के चलते दुर्घटना संभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया। संबंधित कार्यदायी संस्था ने आश्वस्त किया है कि सड़क निर्माण कार्य आगामी छह माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
अपर आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, अंधे मोड़ों पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ब्लैक स्पाट्स पर त्वरित सुधार कार्य किए जाएं और संवेदनशील समय अवधि में ट्रैफिक पुलिस द्वारा विशेष निगरानी रखी जाए। इस बैठक में एडीएम सिटी, एसपी ट्रैफिक, अपर नगर आयुक्त, संभागीय परिवहन अधिकारी, एनएचएआई के प्रतिनिधि और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
