गोरखपुर में दैनिक जागरण का दिव्य दीपोत्सव: सवा लाख दीपों से जगमगाएगा गुरु गोरक्षनाथ घाट
गोरखपुर में ”दैनिक जागरण” का बहुप्रतीक्षित ”दिव्य दीपोत्सव” एक बार फिर राप्ती नदी के गुरु गोरक्षनाथ घाट को आलोकित करने के लिए तैयार है। बुधवार शाम सवा लाख दीपों की झिलमिल रोशनी जब नदी की शांत लहरों से टकराएगी, तो यह गोरखपुर की धरती पर अध्यात्म, परंपरा और संस्कृति के एक अद्वितीय संगम का साक्षी बनेगी। यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन चुका है।
आयोजन की तैयारियां मंगलवार को पूरे दिन जोर-शोर से चलती रहीं। गोरखपुर विश्वविद्यालय के कला विभाग के होनहार विद्यार्थी अल्ताफ, आस्था, श्रेया और शिखा ने घाट पर आकर्षक रंगोली और दीप रेखाओं के मनमोहक डिज़ाइन उकेरे। नगर निगम की टीम घाट की सफाई और सज्जा में पूरी निष्ठा से जुटी रही, वहीं पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा प्रबंधों का गहनता से जायजा लिया ताकि श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवियों ने भी इस पुनीत कार्य में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।
बुधवार सुबह से ही एनसीसी कैडेट, स्काउट-गाइड और विभिन्न संस्थाओं के सदस्य दैनिक जागरण की टीम के साथ मिलकर दीप सजाने और घाट को अंतिम रूप देने में जुट जाएंगे। जैसे ही शाम साढ़े चार बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्वलन का शुभ कार्य आरंभ होगा, राप्ती तट का हर कोना दिव्यता से नहा उठेगा। इस भव्य उत्सव में श्रद्धालु और दर्शक अपने हिस्से की बाती जलाकर इस उजले पर्व का अभिन्न हिस्सा बनेंगे।
युवाओं और ‘जेन-जी’ को आकर्षित करने के लिए आयोजन स्थल पर विशेष ‘सेल्फी प्वाइंट’ भी बनाए जा रहे हैं, जो इस उत्सव के आकर्षण को और बढ़ाएंगे। जब सवा लाख दीपों से राप्ती का पावन आंचल झिलमिलाएगा, तब यह केवल एक उत्सव मात्र नहीं, बल्कि गोरखपुर की सांस्कृतिक चेतना का एक भव्य पुनर्जागरण होगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
इस अवसर पर सुबह 11 बजे से एक रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी, जिसमें हर उम्र के प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। प्रतिभागियों को अपनी रंगोली सामग्री स्वयं लानी होगी। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को कार्यक्रम स्थल पर ही सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे उनकी कला को प्रोत्साहन मिलेगा।
