गोरखपुर: कांशीराम आवास में अकेली रहती थी वृद्ध महिला, बेटी ने अंतिम संस्कार से किया मना
गोरखपुर के सहजनवां स्थित कांशीराम आवास योजना के एक आवास में गुरुवार की शाम एक वृद्ध महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो बिस्तर पर मच्छरदानी के अंदर महिला का शव मिला।
मृतक की पहचान हीरावती दुबे के रूप में हुई है, जो इस आवास में अकेली रहती थीं। तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन एसडीएम सहजनवां द्वारा उन्हें यह आवास आवंटित किया गया था। वह गुमटी लगाकर अपना जीवन यापन करती थीं। पड़ोसियों ने बताया कि शाम को जब उन्होंने महिला के कमरे का दरवाजा खुला देखा और आवाज लगाई, तो कोई उत्तर नहीं मिला। अंदर जाने पर उन्होंने हीरावती को बिस्तर पर मृत पाया, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचित किया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने महिला की बेटी का मोबाइल नंबर प्राप्त कर उससे संपर्क साधा। सूत्रों के अनुसार, बेटी ने अंतिम संस्कार के लिए आने से साफ इनकार कर दिया और अज्ञात के रूप में अंतिम संस्कार करने की बात कहकर फोन काट दिया। इसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद बताया जा रहा है।
थाना प्रभारी ने बताया कि महिला की पहचान हो गई है, लेकिन उनका स्थायी पता स्पष्ट नहीं हो पाया है। बेटी के अंतिम संस्कार से इनकार करने के बाद, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। आगे की जांच जारी है।
सूत्रों के अनुसार, पड़ोसियों का कहना है कि हीरावती के पति सहजनवां में एक सरकारी विभाग में कार्यरत थे। लगभग दो दशक पूर्व वे पत्नी और बच्चों के साथ यहां आकर रहने लगे थे। हालांकि, महिला के व्यवहार से कथित तौर पर परेशान होकर पति और बच्चों ने उन्हें घर से निकाल दिया था और वे स्वयं भी सहजनवां छोड़कर चले गए थे। इसके बाद से हीरावती इस आवास में अकेली रह रही थीं।
बेटी के अंतिम संस्कार से मना करने के बाद पुलिस शव को ज्ञात या अज्ञात में भेजने को लेकर कानूनी दांव-पेंच में उलझ गई थी। महिला का नाम पता होने के बावजूद, किसी परिजन या रिश्तेदार के न आने से पुलिस इस दुविधा में थी कि शव का अंतिम संस्कार ज्ञात व्यक्ति के रूप में किया जाए या अज्ञात। अंततः, पुलिस ने शव को ज्ञात मानते हुए पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की है।
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