गाजियाबाद: लोनी ब्लॉक कार्यालय से छह साल की फाइलें गायब, चार लेखाकारों पर केस दर्ज
गाजियाबाद के लोनी ब्लॉक कार्यालय में सरकारी फाइलों के लापता होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। खंड विकास अधिकारी विन्नी यादव ने तत्कालीन चार लेखाकारों के खिलाफ लोनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। यह मामला बीते छह वर्षों से फाइलों के गायब होने से जुड़ा है, जिसमें वर्ष 2017-18 और 2018-19 के अनिस्तारित प्रकरणों के महत्वपूर्ण अभिलेख शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच में जुटी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, खंड विकास अधिकारी ने अपनी शिकायत में बताया है कि कार्यालय में वर्ष 2017-18 और 2018-19 के अनिस्तारित प्रकरणों से संबंधित आख्या के लिए फाइलें उपलब्ध नहीं हैं। हाल ही में जब कार्यालय में कार्यरत लेखाकारों से फाइलों के बारे में पूछताछ की गई, तो पता चला कि ये फाइलें वर्षों से लापता हैं। जांच-पड़ताल के दौरान यह भी सामने आया कि वर्ष 2013-14 से पूर्व के निर्माण कार्यों की फाइलें और वर्ष 2013 से पूर्व के ग्रांट रजिस्टर पार्ट-2 के संबंध में भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।
गहन जांच में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2013 से 2018 तक के निर्माण कार्यों और संबंधित अभिलेखों को तत्कालीन लेखाकार महिपाल सिंह ने सहायक लेखाकार अरुण कुमार सिंह के बर्खास्त होने के बाद, 20 दिसंबर 2020 तक नहीं सौंपा था। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2017-18 तक कार्यालय में लेखाकार विपिन कुमार कार्यरत थे, जिनकी अब मृत्यु हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि वर्ष 2010 से 2023 तक कार्यालय में विपिन कुमार, महिपाल सिंह, अशोक कुमार और ललित कुमार लेखाकार के पद पर विभिन्न कालों में कार्यरत रहे हैं।
कार्यवाहक एसीपी लोनी भास्कर वर्मा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि लोनी खंड विकास कार्यालय से फाइलों के लापता होने की शिकायत प्राप्त हुई थी। इस शिकायत के आधार पर, पुलिस ने तत्कालीन लेखाकार अरुण कुमार, अशोक कुमार, महिपाल सिंह और ललित कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इन फाइलों को बरामद करने और इसके पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है। सरकारी अभिलेखों के इस तरह से लापता होना, प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर बल देता है।
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