कानपुर नगर निगम में पहली बार ई-टेंडरिंग से तय हुए ठेकेदार और ठेके, पारदर्शिता का नया दौर
कानपुर नगर निगम में अब ठेकेदारों का चयन और फाइलों की स्वीकृति पूरी तरह से ई-टेंडरिंग प्रणाली के माध्यम से होगी। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने इस नई व्यवस्था का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य ठेके को लेकर होने वाले विवादों और खास ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोपों पर रोक लगाना है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ई-लॉटरी के जरिए संपन्न होगी, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
इस पारदर्शी पहल के तहत, अभियंत्रण जोन चार की 12 निविदाओं की पत्रावलियों को ई-टेंडरिंग के लिए चुना गया था। नगर आयुक्त ने बताया कि ई-लॉटरी के बाद निविदाओं की स्वीकृति का प्रपत्र तैयार होने में लगने वाले समय में कमी आएगी, जिससे ठेके संबंधी सभी फाइलों पर कार्यवाही त्वरित गति से हो सकेगी। अब इसी प्रणाली से चुन्नीगंज में हनुमान मंदिर के पास ध्वस्त हुए नाले की मरम्मत, ग्वालटोली, खलासी लाइन, रानीघाट, अशोक नगर और तिलक नगर में सीसी रोड व नालों के निर्माण जैसे कार्य फाइनल किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, कूड़ा घरों और कूड़ा ट्रांसफर स्टेशनों से सॉलिड वेस्ट प्लांट तक कूड़ा वाहनों की ऑनलाइन निगरानी भी संभव होगी। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में सॉलिड वेस्ट प्लांट के इंटरनल डेटा का आईसीसीसी डेटाबेस से इंटीग्रेशन का काम 28 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्लांट परिसर एवं कूड़ा वाहनों की प्रभावी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे एवं आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन) व्यवस्था लागू की जाएगी।
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