गुरुग्राम में सीजन का पहला घना कोहरा, सड़कों पर थमी रफ्तार; विजिबिलिटी 100 मीटर से कम
गुरुग्राम जिले में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और शहरी क्षेत्र में सीजन का पहला घना कोहरा छा गया। ग्रामीण इलाकों में पिछले दो दिनों से कोहरे की मौजूदगी दर्ज की जा रही थी, लेकिन शहर में सोमवार तड़के कोहरे की चादर फैलने से जनजीवन प्रभावित हो गया। सुबह के समय दृश्यता घटकर सौ मीटर से भी कम रह गई, जिससे सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घने कोहरे के कारण दिल्ली-जयपुर हाईवे, द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गए। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए। ट्रैफिक पुलिस ने एहतियात के तौर पर वाहन चालकों से धीमी गति से चलने और फाग लाइट का इस्तेमाल करने की अपील की। सुबह कार्यालय जाने वाले लोगों और विद्यार्थियों को कोहरे और सर्दी के कारण परेशानी हुई।
कोहरे के साथ-साथ तापमान में आई गिरावट ने ठिठुरन बढ़ा दी है। न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे सुबह और देर शाम ठंड का असर साफ महसूस किया जा रहा है। पिछले दो दिन से न्यूनतम तापमान 7.0 और 8.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ और ठंडी हवाओं के चलते आने वाले दिनों में कोहरा ज्यादा छाने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरे के कारण न केवल सड़क यातायात बल्कि रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। रेलवे स्टेशन पर कुछ ट्रेनों के देरी से चलने की संभावना जताई गई है। वहीं, चिकित्सकों ने ठंड और नमी के मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बढ़ते कोहरे के चलते कम विजिबिलिटी के कारण अनावश्यक यात्रा से बचने का प्रयास करना चाहिए।
