दर्द में तड़पती लकड़बग्घा को देख पिघला किसानों का दिल, जंगल छोड़ खेतों में आई तो ऐसे बचाई जान
आगरा के फतेहाबाद रेंज में बिलपुरा गांव के खेतों में एक घायल मादा लकड़बग्घा को किसानों ने देखा। यह लकड़बग्घा गंभीर रूप से घायल थी और जंगल से भटककर इंसानी बस्ती के करीब आ गई थी। किसानों ने डरने के बजाय, मानवता का परिचय देते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
वन विभाग की सूचना पर वाइल्डलाइफ एसओएस की पांच सदस्यीय टीम पशु चिकित्सक के साथ फौरन मौके पर पहुंची। लकड़बग्घा की हालत बेहद गंभीर थी। उसके सिर और चेहरे पर गहरी चोटें थीं, जिससे सूजन के कारण उसकी एक आंख की रोशनी भी प्रभावित हो रही थी। मुंह से खून बह रहा था और निचला जबड़ा लटक रहा था। बाद में एक्स-रे से पता चला कि जबड़े में फ्रैक्चर है।
टीम ने लकड़बग्घा को सुरक्षित बचाकर वाइल्डलाइफ एसओएस के रुनकता स्थित भालू संरक्षण केंद्र ले गई। वहां उसका गहन इलाज चल रहा है, जिसमें हाइड्रेशन थेरेपी, दर्द निवारक दवाएं और घावों का उपचार शामिल है। डीएफओ राजेश कुमार ने किसानों और टीम के प्रयासों की सराहना की। वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि यह बचाव सामुदायिक जागरूकता का एक बेहतरीन उदाहरण है, जहां इंसानों ने एक बेबस जानवर की मदद की।
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