मौसम स्टेशनों का विस्तार: सटीक पूर्वानुमान के लिए IMD का बड़ा कदम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा देशभर में मौसम स्टेशनों की संख्या बढ़ाने की पहल आम आदमी के भरोसे को मजबूत कर रही है। इस विस्तार से कोल्ड वेव से लेकर हीट वेव और बारिश तक के पूर्वानुमानों में अभूतपूर्व सटीकता आएगी। विश्व मौसम विज्ञान दिवस के अवसर पर, जिसकी थीम ‘आज का अवलोकन कल की सुरक्षा’ है, मौसम विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि अधिक डेटा संग्रह और केंद्रीय विश्लेषण से सटीक अनुमान लगाना आसान हो जाता है।
उत्तर प्रदेश में, राहत विभाग और आईएमडी के संयुक्त प्रयास से राज्य भर में 450 स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS) और 2000 स्वचालित वर्षामापी यंत्र (ARG) स्थापित करने की एक महत्वाकांक्षी परियोजना गति पकड़ रही है। वर्तमान में 69 AWS सक्रिय हैं, लेकिन यह नेटवर्क तहसील स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। मार्च 2026 तक, प्रत्येक तहसील में एक AWS और प्रत्येक ब्लॉक में दो वर्षामापी यंत्र स्थापित करने का लक्ष्य है। अब तक, 308 से अधिक AWS और 5500 से अधिक ARG की स्थापना के लिए कार्य आदेश जारी किए जा चुके हैं।
जनता की भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए, आईएमडी आम नागरिकों से भी मौसम संबंधी फीडबैक साझा करने का आग्रह कर रहा है। यह फीडबैक मौसम के सही आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आईएमडी की वेबसाइट पर उपलब्ध ईमेल के माध्यम से या सर्वेक्षणों में भाग लेकर नागरिक इस प्रक्रिया में योगदान दे सकते हैं।
पिछले दशक में कानपुर के औसत तापमान में वृद्धि देखी गई है, जो जलवायु परिवर्तन के वैश्विक रुझानों को दर्शाता है। 2015 में 25.2 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 2024 में 26.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जिसमें 2024 में 48.2 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया। यह बदलाव सटीक मौसम पूर्वानुमान के महत्व को और भी बढ़ा देता है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार, ‘जितने अधिक आंकड़े थोड़ी-थोड़ी दूरी पर लगातार लिए जाएंगे, उतना ही भविष्य में सटीक पूर्वानुमान संभव होगा। नियंत्रण भले ही संभव न हो, लेकिन सटीक जानकारियों से सुरक्षा का भरोसा बढ़ता है।’ ये बड़े स्तर के प्रयास, आईएमडी और निजी क्षेत्र द्वारा किए जा रहे हैं, जो मौसम पूर्वानुमानों को अधिक विश्वसनीय बना रहे हैं और रणनीतिक योजना में सहायता कर रहे हैं।
