त्योहारी सीजन में बाजार की महंगी सजावट छोड़ घर पर बनाएं इको-फ्रेंडली और सुंदर तोरण | festival decoration
त्योहारों का सीजन आते ही घरों की साफ-सफाई और सजावट का दौर शुरू हो जाता है। भारतीय संस्कृति और वास्तुशास्त्र में मुख्य द्वार पर तोरण या वंदनवार लगाने का विशेष महत्व माना गया है। ऐसा विश्वास है कि सुंदर तोरण से माता लक्ष्मी आकर्षित होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर रहती है। आजकल बाजार में मिलने वाली प्लास्टिक और कृत्रिम सजावट सामग्रियां पर्यावरण के अनुकूल नहीं होती हैं, साथ ही उनमें वह अपनापन भी नहीं झलकता जो हाथों से बनी चीजों में होता है।
घर पर ताजे पत्तों और फूलों से तोरण बनाने से न सिर्फ पैसों की बचत होती है, बल्कि घर प्राकृतिक महक से भी महक उठता है। आम के पत्तों और गेंदे के फूलों की पारंपरिक तोरण बनाना सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा, अशोक के पत्तों और लाल गुलाब के संयोजन से बनी तोरण द्वार की शोभा में चार चांद लगा देती है। अगर आप कुछ ऐसा चाहते हैं जो लंबे समय तक चले, तो गोटा-पत्ती, शीशे, रंग-बिरंगे कपड़ों और कौड़ियों का उपयोग करके आकर्षक विंटेज तोरण तैयार की जा सकती है। कार्डबोर्ड और कलावे की मदद से झटपट बनने वाली तोरण भी बेहद सुंदर दिखती है।
इन रचनात्मक और आसान तरीकों से घर के मुख्य द्वार को सजाकर आप अपने मेहमानों का स्वागत एक पारंपरिक और आत्मीय अंदाज में कर सकते हैं। यह न केवल आपकी रचनात्मकता को निखारता है, बल्कि त्योहार के उल्लास को भी कई गुना बढ़ा देता है।
