डिजिटल लत से बच्चों में तनाव और अवसाद, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने दी चेतावनी
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बच्चों में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से होने वाले गंभीर खतरों के प्रति आगाह किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल उपकरणों की लत बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल रही है। गोमतीनगर के एक होटल में आयोजित साइकॉन 2026 कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए पाठक ने कहा कि डिजिटल लत के कारण बच्चों में घबराहट, तनाव, अवसाद, नींद की कमी और व्यवहार में बदलाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि विकास की इस दौड़ में मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को डिजिटल लत से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करें। उपमुख्यमंत्री ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों को भी सम्मानित किया।
निर्वाण अस्पताल द्वारा आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में डॉ. एचके अग्रवाल, डॉ. दीप्तांशु अग्रवाल और डॉ. प्रांजल अग्रवाल ने डिजिटल लत के नुकसान, यौन आक्रामकता, कहानियों के मनोविज्ञान और डिजिटल दुनिया से इंसानी शरीर में हो रहे बदलावों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उम्र के साथ बदलती तकनीक और इसके दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. टीबी सिंह और डॉ. कृष्ण दत्त को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त रूप से डॉ. पीके दलाल, डॉ. एच नायडू, डॉ. प्रभात सिथोले, डॉ. आरके ठकराल, डॉ. एससी तिवारी, डॉ. पल्लवी भटनागर, डॉ. एके अग्रवाल, डॉ. अजय कोहली, डॉ. देवाशीष शुक्ला और डॉ. पीके श्रीवास्तव को भी सम्मानित किया गया।
