धर्मेंद्र की बहू का बदला करियर: एक्टिंग छोड़ बनीं सफल ट्रेवल व्लॉगर
पंजाब के छोटे से गांव से आकर ‘शोले’ के वीरू के रूप में हिंदी सिनेमा में अपनी खास पहचान बनाने वाले धर्मेंद्र के परिवार की अगली पीढ़ियां भी अभिनय की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। जहां सनी देओल, बॉबी देओल, ईशा देओल और उनके पोते करण व राजवीर बॉलीवुड में सक्रिय हैं, वहीं धर्मेंद्र की एक बहू ने फिल्मी दुनिया से हटकर एक बिल्कुल नया रास्ता चुना है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में जन्मीं दीप्ति भटनागर, जो 90 के दशक की एक जानी-मानी अभिनेत्री और मॉडल रह चुकी हैं, अब एक सफल ट्रेवल व्लॉगर के तौर पर अपनी पहचान बना रही हैं।
दीप्ति भटनागर ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और साल 1995 में संजय गुप्ता निर्देशित फिल्म ‘राम शस्त्र’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इस फिल्म में उन्होंने जैकी श्रॉफ, मनीषा कोइराला और आदित्य पंचोली जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें तेलुगु सुपरहिट ‘पेल्ली संडदी’ भी शामिल है। दीप्ति ने हिंदी सिनेमा के साथ-साथ तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया और आमिर खान, सुनील शेट्टी और सनी देओल जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर की।
सिर्फ भारतीय सिनेमा तक ही सीमित न रहकर, दीप्ति भटनागर ने हॉलीवुड में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। साल 1997 में, उन्होंने हॉलीवुड फिल्म ‘इन्फेर्नो’ में ‘शालीमार’ का किरदार निभाया, जिससे आर. माधवन ने भी अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। फिल्मों के अलावा, दीप्ति ने टेलीविजन पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने ‘ये है रॉन्ग’ जैसे धारावाहिकों के साथ-साथ ‘यात्रा’ और ‘मुसाफिर हूं यारों’ जैसे लोकप्रिय ट्रेवल शोज की मेजबानी भी की।
अपने अभिनय करियर में सफलता हासिल करने के बाद, दीप्ति भटनागर ने अभिनय की दुनिया को अलविदा कहने का फैसला किया और पूरी तरह से ट्रेवल व्लॉगिंग को अपना लिया। आज वह दुनिया भर की यात्राएं करती हैं और अपने अनुभवों को अपने दर्शकों के साथ साझा करती हैं। उनका यह नया अवतार उन्हें एक अलग पहचान दे रहा है और यह साबित करता है कि करियर के किसी भी पड़ाव पर नए रास्ते चुने जा सकते हैं।
