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बिहार के नए CM पर दिल्ली में होगा फैसला, सम्राट चौधरी की दावेदारी मजबूत

By Apr 25, 2026

बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की एक तस्वीर सामने आई, जिसमें वे हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी और उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान ली गई थी और इसे कुशवाहा बिरादरी के नेताओं के मिलन के तौर पर देखा जा रहा है।

पार्टी ने शुक्रवार को दिल्ली में बिहार भाजपा कोर ग्रुप की अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी एक नाम पर सहमति बनाने के बाद भाजपा संसदीय बोर्ड अंतिम फैसला लेगा। राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ लेंगे। इसके बाद भाजपा के सीएम की ताजपोशी की जाएगी। ऐसी चर्चा है कि खरमास का महीना समाप्त होने के बाद 14 अप्रैल, जो भीमराव आंबेडकर की जयंती भी है, एक शुभ मुहूर्त हो सकता है।

सम्राट चौधरी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे आगे चल रहा है। नीतीश कुमार ने हाल की सभाओं में जिस तरह सम्राट चौधरी को पेश किया है, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नीतीश भी उनके नाम का समर्थन करेंगे। एनडीए और भाजपा के नेताओं ने पहले भी कहा है कि अगला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पसंद का होगा। सम्राट चौधरी के अलावा केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, राज्य के मंत्री दिलीप जायसवाल, विधायक संजीव चौरसिया, जनक राम और रेणु देवी जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। अंतिम फैसला दिल्ली में ही लिया जाएगा, जिससे सभी की धुकधुकी बढ़ी हुई है।

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से राजद के तेजस्वी यादव की पार्टी खुश हो सकती है। वहीं, कुछ लोग अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव को देखते हुए बिरादरी के वोटरों को नाराज न करने की बात कर रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ लोग 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती के मौके पर एक दलित मुख्यमंत्री के नाम की उम्मीद कर रहे हैं। भाजपा में मुख्यमंत्री चुनने के पिछले कुछ उदाहरणों को देखते हुए, बड़े से बड़ा नेता भी अनिश्चितता में रहता है कि कहीं उसे विधायक दल की बैठक में किसी और के नाम का प्रस्ताव रखने का आदेश ना मिल जाए।

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