दरभंगा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग में देरी, सांसद ने जताई नाराजगी
दरभंगा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा के निर्माण में हो रही देरी ने यात्रियों की उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस परियोजना के पूरा होने में विलंब के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। एयरपोर्ट सलाहकार समिति के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने एयरपोर्ट के नव नियुक्त निदेशक दिलीप कुमार के साथ निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया और कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में इस तरह की उदासीनता और शिथिलता स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने जोर दिया कि दरभंगा एयरपोर्ट उड़ान सेवा के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, और हर समय उड़ान सेवा सुनिश्चित करने के लिए निर्माणाधीन नाइट लैंडिंग के कैट टू लाइट के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
एयरपोर्ट निदेशक को रनवे के आगे 24 एकड़ में बन रहे कैट टू लाइट की सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश देते हुए सांसद ने कहा कि नाइट लैंडिंग को जल्द शुरू करने के लिए सभी निर्माण कार्य पूरे कर संबंधित उपकरण लगवाए जाएं। इससे आने वाले समय में कुहासे के कारण उड़ान सेवा किसी भी प्रकार से बाधित नहीं होगी।
सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ कैंप की स्थायी व्यवस्था के संबंध में पूछे जाने पर निदेशक ने बताया कि सीआईएसएफ की टीम द्वारा सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है और जमीन अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव मंत्रालय को भेजने की औपचारिकताएं पूरी की गई हैं।
सांसद ने एयरपोर्ट परिसर में मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मखाना काउंटर, मिथिला पेंटिंग और पर्यटन संबंधी जानकारी की प्रदर्शनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को एक ही स्थान पर मिथिला की जानकारी मिलेगी और बाहर से आने वाले लोग इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकेंगे।
912 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन नए टर्मिनल भवन के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए शीघ्र ही निर्माण स्थल पर एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें एयरपोर्ट से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट परिसर में जीवन रक्षक एंबुलेंस और पैरामेडिकल स्टाफ की स्थायी तैनाती के संबंध में जानकारी लेकर सांसद ने सिविल सर्जन को आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया, ताकि यात्रियों की बढ़ती संख्या के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहें।
