दरभंगा, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर स्टेशनों को मिली नई पहचान, एनएसजी-2 श्रेणी में शामिल
समस्तीपुर रेल मंडल में स्टेशनों के वर्गीकरण की नई सूची जारी की गई है, जिसमें दरभंगा, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर स्टेशनों को एनएसजी-2 श्रेणी में शामिल किया गया है। इस श्रेणी में शामिल होने से इन स्टेशनों का महत्व और बढ़ गया है, और अब मंडल में एनएसजी-2 श्रेणी के तीन प्रमुख स्टेशन हो गए हैं। यह वर्गीकरण रेलवे द्वारा स्टेशनों की वार्षिक आय और यात्रियों की संख्या के आधार पर किया जाता है।
नई सूची के अनुसार, सहरसा, बापूधाम मोतिहारी, जयनगर, सकरी, रक्सौल, बेतिया, मधुबनी, नरकटियागंज और सीतामढ़ी जैसे नौ स्टेशनों को एनएसजी-3 श्रेणी में रखा गया है। यह वे स्टेशन हैं जहाँ सालाना यात्रियों की संख्या 5 से 10 मिलियन के बीच होती है। इन स्टेशनों का क्षेत्रीय यातायात और जिले की आवाजाही में महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए रेलवे इनके विकास और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देगा।
इसके अलावा, सुगौली, बनमनखी, बैरगनिया और चकिया स्टेशनों को एनएसजी-4 श्रेणी में शामिल किया गया है, जहाँ सालाना दो से पांच मिलियन यात्री आवागमन करते हैं। इन इलाकों में इन स्टेशनों की पहुंच स्थानीय व्यापार और यात्रियों की गतिविधियों को सक्रिय बनाए रखती है। लहेरियासराय, सलोना, रुसेरा घाट और हसनपुर रोड स्टेशनों को एनएसजी-5 श्रेणी में रखा गया है, जहां सालाना एक से दो मिलियन यात्री आते हैं।
समस्तीपुर रेल मंडल में कुल 220 स्टेशन हैं, जिनमें से सबसे अधिक 110 स्टेशन एनएसजी-6 श्रेणी में हैं। यह श्रेणी उन छोटे स्टेशनों के लिए है जहां सालाना एक मिलियन से कम यात्री आते हैं। रेलवे के इस वर्गीकरण का उद्देश्य स्टेशनों के विकास को गति देना और यात्री सुविधाओं में सुधार करना है, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके। एनएसजी-1 श्रेणी, जो 20 मिलियन से अधिक यात्रियों वाले स्टेशनों के लिए होती है, में इस मंडल का कोई भी स्टेशन फिलहाल शामिल नहीं है।
