राहत के बीच खतरा! बुलंदशहर की हवा अभी भी ‘जहरीली’, AQI 219 पर भी सांस लेना मुश्किल
बुलंदशहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में मामूली सुधार हुआ है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली है। विशेषज्ञों का कहना है कि AQI में सुधार के बावजूद, शहर की हवा अभी भी सेहत के लिए जहरीली बनी हुई है। प्रदूषण के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी जिले की हवा में प्रदूषण का ग्राफ काफी हद तक कम हुआ है, लेकिन हवा अभी भी स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही है। जिले का एक्यूआई 219 रिकॉर्ड किया गया। हवा में प्रदूषण का यह स्तर बीमार लोगों और बुजुर्गों को परेशान करने वाला है।
पिछले महीने एक्यूआई 400 के ऊपर तक गया था। इसके बाद कुछ गिरावट के बाद 350 तक आया। लगभग 15 दिन 350 से 370 के बीच एक्यूआई रहा। अब पिछले चार दिन से हवा तेज हुई तो प्रदूषण के कण हवा के साथ छंट गए। इसके चलते एक्यूआई में गिरावट आई।
बुधवार को एक्यूआई 219 रिकॉर्ड किया गया। प्रदूषण का ये स्तर भी ओरेंज जोन में है। ओरेंज जोन की हवा भी बेहद खराब स्तर की मानी जाती है। इसके बाद भी शहर से देहात तक लोग कूड़ा जला रहे हैं और प्रदूषण फैलाने वाली इकाईयां चल रही हैं। हवा के प्रदूषण के कारण खांसी, सांस फूलना, आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायतें बढ़ने लगती हैं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के ईएमओ के मुताबिक अस्थमा के कई मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार का कहना है कि हवा चलने के कारण प्रदूषण कुछ कम हुआ है। हल्की बरसात हो जाए तो हवा पूरी तरह साफ हो जाएगी। पहले की तुलना में एक्यूआई बहुत कम हो गया। अभी भी पालिका पानी के टैंकरों से धूल रोकने के लिए छिड़काव करा रही है। लोग कूड़ा आदि न जलाएं।
