दिल्ली-एनसीआर में ऑनलाइन जुए का बढ़ता जाल, साइबर अपराधी बना रहे लोगों को कंगाल
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र साइबर अपराधियों के लिए ऑनलाइन जुए का एक बड़ा अड्डा बन गया है, जहां वे गेमिंग ऐप्स और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को कंगाल कर रहे हैं। यदि आप मोबाइल फोन पर ऑनलाइन गेम खेलने के आदी हैं और रुपये कमाने के लालच में हैं, तो सावधान हो जाएं, क्योंकि आप साइबर अपराधियों के निशाने पर हो सकते हैं। पिछले पांच सालों से, दिल्ली-एनसीआर को ऑनलाइन गैंबलिंग ऑपरेट करने का एक प्रमुख केंद्र बना दिया गया है।
एनसीआर के विभिन्न जिलों की पुलिस द्वारा समय-समय पर ऑनलाइन जुए के खेल खिलाकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोहों का पर्दाफाश इसकी पुष्टि करता है। साइबर विशेषज्ञ ओमित पंवार बताते हैं कि ऑनलाइन गेम के लिए ऐप डेवलप करने पर कोई प्रतिबंध न होने का लाभ अपराधी उठाते हैं। वे आसानी से आईटी कंपनियों को भुगतान कर विभिन्न प्रकार के ऐप बनवाते हैं और उनमें गैंबलिंग गेम अपलोड कराते हैं। लोगों को जोड़ने और जाल में फंसाने के लिए इंटरनेट मीडिया का सहारा लिया जाता है।
इन ऐप्स में मुफ्त और रुपये लगाकर गेम खेलने के विकल्प दिए जाते हैं। रुपये लगाने पर जीतने पर दो गुना से लेकर दस गुना तक राशि मिलने का लालच दिया जाता है। गेम की लत में फंसे लोग पहले छोटी धनराशि लगाते हैं, और अपराधियों द्वारा उन्हें छोटी-छोटी जीत दिलाकर भरोसे में लिया जाता है। जैसे ही लोग लालच में आकर मोटी धनराशि लगाते हैं, उसे हड़प लिया जाता है और उनकी आईडी ब्लॉक कर दी जाती है।
पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा कार्यालय के साइबर सेल में तैनात साइबर विशेषज्ञ ओमित पंवार सलाह देते हैं कि ऑनलाइन गेम खेलने की लत न लगाएं। लालच में आकर रुपये लगाकर गेम न खेलें और इंटरनेट मीडिया पर लाखों-करोड़ों रुपये जीतने के दावों तथा लुभावने विज्ञापनों को नजरअंदाज करें।
हाल ही में, नोएडा के सेक्टर 113 पुलिस ने सेक्टर-75 की एक सोसाइटी में फ्लैट से ऑनलाइन गैंबलिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया था। ये आरोपित ‘मेगाइनप्ले.इन’ नामक पोर्टल पर क्रिकेट व अन्य खेलों के साथ कसीनो भी खिलाते थे। वे सोशल मीडिया पर पोर्टल का प्रचार करते थे और झांसे में आए लोगों को आईडी-पासवर्ड देकर रुपये के बदले पॉइंट देते थे, जिन्हें बाद में कैश किया जा सकता था। शुरुआत में कम रुपये लगाने वालों को रिटर्न मिलता था, लेकिन बड़ी रकम लगाने पर उनकी आईडी ब्लॉक कर दी जाती थी।
इसी तरह, नई दिल्ली उत्तरी पुलिस ने फरवरी 2023 में नवादा, उत्तम नगर क्षेत्र से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से डेबिट कार्ड, आईफोन, सिमकार्ड, लैपटॉप, क्रेडिट कार्ड आदि बड़ी मात्रा में बरामद हुए थे। आरोपितों ने फर्जी वेबसाइट बना रखी थी, जिस पर क्लिक करने पर रजिस्ट्रेशन के नाम पर थोड़ी रकम वसूली जाती थी। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि ऑनलाइन जुए का यह जाल कितना गहरा और व्यापक हो चुका है, जिससे आम लोगों की गाढ़ी कमाई दांव पर लगी है।
IGL ने बढ़ाई CNG की कीमतें, नोएडा-गाजियाबाद में अब ₹1 महंगा ईंधन
दिल्ली विस्फोट: वज़ीरपुर में NIA की दस्तक, आतंकी उमर नबी की तलाश में चाय वाले से पूछताछ
IGI एयरपोर्ट पर बड़ा बदलाव: 26 अक्टूबर से इंडिगो और एअर इंडिया T2 से भरेंगी उड़ान
राजनाथ सिंह का बड़ा दावा: 2026 तक खत्म होगा नक्सलवाद, आंतरिक सुरक्षा पर जोर
दिल्ली के पंजाबी बाग में सनसनीखेज हत्या: युवती की मौत, युवक गंभीर घायल
दिल्ली के केशवपुरम में सनसनी: 48 घंटे में पुरुष-महिला के दो शव बरामद
नेटफ्लिक्स पर ‘ग्रेटर कलेश’ का जलवा, 52 मिनट की फिल्म ने जीता दर्शकों का दिल
दिल्ली में दीपावली पर जश्न के बीच जख्म: 200 से अधिक घायल, पटाखों और करंट का कहर
