दिल्ली-एनसीआर में जानलेवा प्रदूषण: AQI 400 पार, सांस लेना दुश्वार
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) एक बार फिर जानलेवा प्रदूषण की गिरफ्त में है। पिछले कई दिनों से हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 399 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है, लेकिन कई इलाकों में स्थिति ‘बेहद गंभीर’ हो गई है।
अशोक विहार, बवाना और जहांगीरपुरी जैसे क्षेत्रों में AQI 400 का आंकड़ा पार कर गया है, जिससे इन इलाकों में सांस लेना भी दूभर हो गया है। वहीं, गाजियाबाद और नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है, जो चिंता का विषय है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर एप के अनुसार, बृहस्पतिवार को दिल्ली के 39 निगरानी केंद्रों में से 28 में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई थी। वजीरपुर (458), चांदनी चौक (453) और बवाना (452) सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से थे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियां प्रदूषकों को जमीन के करीब फंसा रही हैं, जिससे हवा साफ नहीं हो पा रही है। विडंबना यह है कि केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली द्वारा लगातार तीसरे दिन ‘बहुत खराब’ वायु गुणवत्ता की भविष्यवाणी भी गलत साबित हुई, क्योंकि वास्तविक AQI 400 से ऊपर ही रहा।
दीपावली के बाद से ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को भी 24 घंटे का औसत एक्यूआइ शाम चार बजे 404 रहा, जो स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। इस जहरीली हवा से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है। सरकार और संबंधित एजेंसियों को तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है ताकि इस गंभीर संकट से निपटा जा सके।
