दिल्ली में आतंकी साजिश: जैश-ए-मोहम्मद, लाल किले हमले के लिए जुटा रहा धन
दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, यह आतंकवादी संगठन भारत में हमलों को अंजाम देने के लिए एक आत्मघाती दस्ता तैयार कर रहा है और इसके लिए धन जुटा रहा है। जांच में सामने आया है कि जैश के नेता डिजिटल माध्यमों से धन जुटा रहे हैं, जिसमें एक पाकिस्तानी ऐप, सदापे का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद महिलाओं के नेतृत्व में भी हमले की साजिश रच रहा है। संगठन के पास मसूद अजहर की बहन सादिया के नेतृत्व वाली ‘महिला विंग’ पहले से ही मौजूद है, जिसे पहलगाम हमले के बाद स्थापित किया गया था।
जांच में शामिल अधिकारियों के अनुसार, लाल किला विस्फोट के प्रमुख संदिग्धों में से एक, डॉ. शाहिना सईद, जिसका कोडनेम ‘मैडम सर्जन’ था, कथित तौर पर हमले के वित्तपोषण के लिए जिम्मेदार हो सकती है। वह जमात उल-मुमिनात नामक इकाई की सदस्य बताई जाती है।
सूत्रों ने बताया कि चंदा मांगने वाले जैश नेताओं ने कथित तौर पर कहा कि जो कोई भी किसी ‘मुजाहिद’ यानी लड़ाके के लिए सर्दियों की पोशाक उपलब्ध कराएगा, उसे खुद ‘जिहादी’ माना जाएगा। इसी तरह, जो कोई भी किसी ‘जिहादी’ के मारे जाने के बाद उसकी देखभाल करेगा, उसे भी ‘जिहादी’ ही कहा जाएगा।
माना जा रहा है कि इस ‘दान’ की राशि 20,000 पाकिस्तानी रुपये या लगभग 6,400 भारतीय रुपये है, जिसका उपयोग जूते, ऊनी मोजे, गद्दे और तंबू जैसी चीजें खरीदने के लिए किया जाएगा। इन सामग्रियों की आतंकवादियों को हमले से पहले या बाद में मैदान में रहने के दौरान आवश्यकता होती है। इस डिजिटल फंडिंग नेटवर्क की एक अलग जांच शुरू की गई है।
यह भी पता चला है कि लश्कर और जैश जैसे आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर में समन्वित हमलों की एक नई लहर के लिए लामबंद हो रहे हैं। इन संगठनों को पाकिस्तानी सेना और वहां के डीप स्टेट का समर्थन प्राप्त है। सूत्रों के अनुसार, यह जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद में एक खतरनाक वृद्धि का संकेत है।
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