दिल्ली की अदालतें आज बंद: गुरु तेग बहादुर के बलिदान दिवस पर HC का बड़ा फैसला
नई दिल्ली: सिख धर्म के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान दिवस के अवसर पर दिल्ली की न्यायिक व्यवस्था में एक विशेष अवकाश की घोषणा की गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने 25 नवंबर को हाई कोर्ट और राष्ट्रीय राजधानी की सभी जिला अदालतों में कामकाज निलंबित रखने का फैसला किया है। यह निर्णय गुरु के महान बलिदान को स्मरण करने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
इस महत्वपूर्ण अवसर को देखते हुए, अदालतों के सामान्य कामकाज में बदलाव किया गया है। अवकाश के बदले, न्यायिक कार्य की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए, दिल्ली हाई कोर्ट की अदालतें 6 दिसंबर को निर्धारित समय से अधिक काम करेंगी। वहीं, दिल्ली की विभिन्न जिला अदालतों में इस अवकाश की भरपाई के लिए 13 दिसंबर को कार्य दिवस घोषित किया गया है।
यह निर्णय हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, अरुण भारद्वाज द्वारा एक आधिकारिक आदेश के माध्यम से जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में 25 नवंबर को अवकाश रहेगा और इसकी भरपाई के लिए विशेष कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं।
श्री गुरु तेग बहादुर, जिन्हें ‘हिन्द दी चादर’ के रूप में भी जाना जाता है, ने धर्म और न्याय की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। उनका बलिदान आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है। इस बलिदान दिवस पर अदालतों में अवकाश घोषित करना, उनके शौर्य और सिद्धांतों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक प्रतीकात्मक तरीका है। यह कदम न्यायिक समुदाय को गुरु के आदर्शों पर विचार करने और उन्हें आत्मसात करने का अवसर भी प्रदान करेगा।
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