देवर ने विधवा भाभी का किया शोषण, मुआवजे के 4 लाख भी हड़पे
सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र के चकिया गांव में एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक विधवा महिला को उसके अपने चचेरे देवर ने न केवल शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि सरकारी मुआवजे के तौर पर मिलने वाली 4 लाख रुपये की राशि भी हड़प ली। पति की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से पहले से ही सदमे में जी रही महिला के साथ यह जघन्य कृत्य उसके विश्वासघात का एक बड़ा उदाहरण है।
सूत्रों के अनुसार, लगभग दो साल पहले एक सड़क हादसे में पीड़िता के पति का निधन हो गया था। इस मुश्किल दौर में, जब महिला मानसिक रूप से टूट चुकी थी, उसके चचेरे देवर और उसकी दोनों पत्नियों ने सांत्वना देने के बहाने उससे संपर्क बढ़ाया। आरोप है कि इसी आड़ में देवर ने महिला को परिवहन विभाग से मिलने वाली अनुदान राशि दिलाने का लालच दिया और उसका विश्वास जीता।
विश्वास जीतने के बाद, देवर ने मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया का बहाना बनाकर महिला को बार-बार बुलाया और करीब एक साल तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस दौरान, जब परिवहन विभाग से 4 लाख रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत हो गई, तो देवर ने महिला को बैंक ले जाकर नौ किस्तों में पूरी राशि अपने पास निकलवा ली।
पीड़िता का आरोप है कि राशि हड़पने के बाद देवर और उसकी पत्नियों का व्यवहार पूरी तरह बदल गया और उन्होंने महिला से दूरी बना ली। जब महिला को अपनी ठगी का एहसास हुआ और उसे कोई और रास्ता नहीं दिखा, तो उसने न्याय के लिए छपरा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में एक परिवाद दायर किया।
न्यायालय के आदेश के बाद, मकेर थाना पुलिस ने चचेरे देवर सहित उसकी दोनों पत्नियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब मामले की गहन जांच-पड़ताल में जुट गई है। इसमें पीड़िता के बयान, बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की सत्यता की पुष्टि की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोप अत्यंत गंभीर हैं और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस सनसनीखेज घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।
