चंडीगढ़ में 44 करोड़ की साइबर ठगी, 147 गिरफ्तार; ‘Chandigarh cybercrime’ पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
चंडीगढ़ में साइबर अपराध एक गंभीर चुनौती बन चुका है। वर्ष 2025 में अब तक शहर के निवासियों से 44 करोड़ 7 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई है। साइबर पुलिस को इस दौरान 8,495 शिकायतें मिली हैं, जिनमें से 150 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह दिखाता है कि डिजिटल ठगी के तरीके कितने तेजी से बदल रहे हैं और ‘Chandigarh cybercrime’ का दायरा कितना बढ़ चुका है।
साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने देश के 13 राज्यों में 93 स्थानों पर छापेमारी की और 147 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों में गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिम बंगाल, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, झारखंड, असम, बिहार और दमन एवं दीव शामिल हैं।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई राशि में से 10 करोड़ 75 लाख रुपये को फ्रीज कराया है। पुलिस का कहना है कि जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होती है, रिकवरी की संभावना उतनी ही अधिक होती है। छापेमारी के दौरान 201 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप और 6 सिम बॉक्स बरामद किए गए।
साइबर ठगों के निशाने पर विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक हैं। ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए तरीकों से 70 से 89 वर्ष की आयु के बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है। ठग खुद को पुलिस, सीबीआई या ईडी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए डराते हैं और करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं। कई मामलों में 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों से 3 से 4 करोड़ रुपये तक ठगे गए हैं।
इंटरनेट मीडिया और फर्जी लोन ऐप भी साइबर अपराधियों के मुख्य हथियार बन गए हैं। निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर लालच देना, ओटीपी और केवाईसी धोखाधड़ी, ऑनलाइन खरीद-बिक्री में ठगी और रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए मोबाइल कंट्रोल करना, ठगी के प्रमुख तरीके हैं।
