घना कोहरा और बारिश से बढ़ी ठंड, बीमारियों का खतरा बढ़ा
मौसम में अचानक आए बदलाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार रात नौ बजे के बाद घने कोहरे की चादर छा गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और गलन बढ़ गई। इस परिवर्तन से लोग बीमार पड़ रहे हैं, जिसका असर जिला अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या से स्पष्ट है। मकर संक्रांति के बाद मिली गर्मी की राहत मंगलवार से फिर एक बार बड़े बदलाव के साथ खत्म हो गई है।
विंटर रैन ने मौसम को बिगाड़ दिया है। गुरुवार शाम से ही ठंडी हवाएं चलने लगीं और रात नौ बजे से कोहरा छा गया। इस अचानक हुए परिवर्तन से मौसम में फिर से गलन आ गई है। शुक्रवार सुबह आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन 10 बजे के बाद सूरज निकलने पर लोग पार्कों और छतों पर धूप सेंकने पहुंचे। हालांकि, शाम को फिर ठंडी हवाएं चलने लगीं।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश से मटर, सरसों, आलू और गेहूं की फसल को फायदा हुआ है, लेकिन सेहत पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और जुकाम जैसी बीमारियां बढ़ जाती हैं। चिकित्सकों ने इस मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में 861 मरीजों ने पर्चे बनवाकर ओपीडी में इलाज कराया।
