टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ की चुनौती, मुंबई पुलिस अपनाएगी कानूनी रास्ता | mumbai crime news
मुंबई पुलिस के सामने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में एक बड़ी कानूनी चुनौती खड़ी हो गई है। वारदात के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आने के बाद जांच एजेंसियों की सुई गैंगस्टर की तरफ घूम गई है। हालांकि, पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस घटना का वास्तव में लॉरेंस के नेटवर्क से कोई सीधा संबंध है या यह सिर्फ दहशत फैलाने का एक हथकंडा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यदि पुलिस को लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ करने की आवश्यकता पड़ती है, तो उसे तय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। गृह मंत्रालय के साल 2023 के आदेश और सीआरपीसी की धारा 268(1) के तहत, साबरमती जेल में बंद लॉरेंस को बाहर ले जाने पर सख्त प्रतिबंध हैं। ऐसे में किसी भी राज्य की पुलिस उसे अपनी कस्टडी में नहीं ले सकती है। जांच अधिकारियों को जेल के भीतर ही पूछताछ करने के लिए अदालत से विशेष अनुमति लेनी होगी।
इस पूरी प्रक्रिया से जनता के बीच यह सवाल भी उठने लगा है कि जेल के अंदर कड़ी सुरक्षा और प्रतिबंधों के बावजूद आपराधिक सिंडिकेट कैसे सक्रिय बने हुए हैं। मुंबई पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि वे अदालतों द्वारा तय की गई एसओपी (SOP) का पूरी तरह पालन करेंगे। फिलहाल पुलिस आरोपियों की भूमिका और इस पूरी साजिश के पीछे के असली चेहरों को बेनकाब करने के लिए साक्ष्यों को टटोलने में जुटी है।
