आचार्य प्रमोद कृष्णम का बड़ा बयान: ‘पद की लालसा में नेता खो रहे हैं अपना जमीर’
आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम में कल्किधाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज के नेता पद और सत्ता की लालसा में अपना जमीर खो रहे हैं। उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि कुछ राजनीतिक दलों ने भारत की संस्कृति को नष्ट करने का काम किया है, जबकि विदेशी इसे एक हजार साल तक मिटा नहीं पाए।
आचार्य प्रमोद कृष्णम नौवामील स्थित श्रीमती शांति देवी कन्या इंटर कॉलेज में चौधरी मंजीत सिंह स्मृति जन सेवा समिति के रजत समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने धर्म और राजनीति के संबंधों पर भी अपने विचार रखे। उनका मानना था कि राजनीति में धर्म होना चाहिए, लेकिन धर्म में राजनीति नहीं होनी चाहिए।
आचार्य ने कहा, “राजनीति को नैतिकता और कर्तव्य धर्म से शक्ति मिलती है, जबकि धर्म को सत्ता की राजनीति से दूर रखना चाहिए।”
उन्होंने आध्यात्मिक जागरण के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि कल्कि विद्या महापीठ का गठन किया जा रहा है, जो समाज को आध्यात्म और मानवता के मार्ग पर प्रेरित करेगा। उन्होंने उन लोगों की भी आलोचना की जो समाज या राष्ट्र को तोड़ने की बात करते हैं। उनके अनुसार, ऐसे लोग धार्मिक हो ही नहीं सकते, और सत्य से दूर होकर धर्म की बात करना केवल भ्रम फैलाना है।
कार्यक्रम में चौधरी उदयभान सिंह ने समिति के कार्यों पर प्रकाश डाला। हरियाणा के प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया, केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, सांसद राजकुमार चाहर, पूर्व सांसद रामशंकर कठेरिया, पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह और समाजसेवी पूरन डावर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में 705 रोगियों को निश्शुल्क स्वास्थ्य जांच और उपचार प्रदान किया गया। इस अवसर पर आचार्य प्रमोद कृष्णम की बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के साथ की एक तस्वीर भी वायरल हुई।
