इंडिगो की उड़ानें रद्द होने पर CEO ने मांगी माफी, 15 दिसंबर तक सामान्य होने की उम्मीद
इंडिगो की फ्लाइट कैंसिलेशन और यात्रियों में मची अफरा-तफरी के बीच इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने लोगों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि 10 से 15 दिसंबर के बीच स्थिति पूरी तरह नॉर्मल होने की उम्मीद है, हालांकि रिकवरी में अभी समय लगेगा।
इंडिगो के सीईओ की यह सार्वजनिक माफी तब सामने आई है, जब शुक्रवार को एक हजार से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो गईं। यह समस्या शुरू होने के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित दिन था। पिछले तीन चार दिनों से हवाई यात्री जिस कदर परेशान रहे उसके लिए ज्यादा जिम्मेदार इंडिगो को ठहराया जाए या फिर एअरलाइन सेवा की नियामक संस्था डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) को)।
इंडिगो फ्लाइट्स में सर्विस में रुकावट के मामले में मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने एक 24×7 कंट्रोल रूम बनाया है, जो स्थिति पर रियल-टाइम नजर रख रहा है। जिससे तुरंत सही कदम उठाए जा सकें और असरदार कोऑर्डिनेशन हो सके। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
जिस तरह पूरे साल डीजीसीए आंखे बंद किए बैठा रहा और भारी अफरातफरी के बाद एअरलाइन के दबाव में आकर डीजीसीए ने पायलट और क्रू मेंमर के कार्यघंटे में ढिलाई बरत दी उससे यही लगता है कि डीजीसीए ज्यादा जिम्मेदार है। क्योंकि लगभग एक साल पहले दिए गए दिशानिर्देश का पालन हो रहा है या नहीं इस बाबत पिछले महीनों में डीजीसीए ने कभी पड़ताल ही नहीं की।
आखिरी मौके पर जब एअरलाइन ने हाथ खड़े कर दिए तो डीजीसीए ने भी निर्देश वापस ले लिया। इंडिगो की रोजाना सैकड़ों उड़ानों के रद्द होने की स्थिति पर गुरुवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय में देर रात तक चली बैठक में जब कोई ठोस नतीजा नहीं निकला तो पांच दिसंबर को तड़के इंडिगो ने एक साथ 400 उड़ानों के रद्द होने की घोषणा कर दी। इसके कुछ देर बाद डीजीसीए ने एक अप्रत्याशित फैसला लेते हुए सभी एयरलाइंस ऑपरेटर्स को जारी साप्ताहिक आराम (वीक (वीक (वीक (वीकक (वीकली रेस्ट) संबंधी निर्देशों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया।
