गोपालगंज में जाम का ‘नासूर’: अवैध टैक्सी-ऑटो स्टैंडों से राहगीर बेहाल, प्रशासन बेखबर!
गोपालगंज शहर में जाम की समस्या एक गंभीर चुनौती बन गई है, जिसका मुख्य कारण अवैध टैक्सी और ऑटो स्टैंडों का अनियंत्रित विस्तार है। शहर के लगभग सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर इन वाहनों के खड़े होने से यातायात पूरी तरह से बाधित हो रहा है। सुबह से लेकर देर शाम तक सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
हालांकि शहर में कुछ घोषित टैक्सी स्टैंड हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हर चौराहा एक अवैध स्टैंड में तब्दील हो गया है। जादोपुर चौक, बंजारी चौक, डाकघर चौक और मिल रोड जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर सड़कों पर ही वाहन खड़े होते हैं, जिससे ट्रैफिक का सामान्य प्रवाह रुक जाता है।
प्रशासनिक स्तर पर इन अवैध स्टैंडों को हटाने के कई निर्णय लिए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। इन स्टैंडों पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है और लोग हर दिन जाम की समस्या से जूझने को मजबूर हैं। यहां तक कि राजेंद्र बस पड़ाव जैसे घोषित स्टैंडों में भी जगह होने के बावजूद वाहन सड़क पर ही खड़े होते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।
मुजफ्फरपुर जाने वाली गाड़ियां भी बस स्टैंड से न खुलकर आंबेडकर चौक से खुलती हैं। बंजारी मोड़ स्थित टैक्सी स्टैंड, जो पहले प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता का विषय था, आज भी बेरोकटोक चल रहा है। डाकघर चौक को तो ऑटो चालकों ने पूरी तरह से अपना अघोषित स्टैंड बना लिया है। इसी तरह जादोपुर चौक, हजियापुर चौक, मिल रोड और अरार पथ पर भी सड़क पर वाहनों के खड़े होने से समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं।
यह एक कड़वी सच्चाई है कि सड़कों पर वाहनों के इस तरह खड़े होने और अवैध स्टैंडों के संचालन में कहीं न कहीं पुलिस की मिलीभगत भी शामिल है, भले ही वे इससे इनकार करते रहें। इस मिलीभगत के कारण समस्या का समाधान दूर की कौड़ी नजर आ रहा है।
