सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए आगे आया ब्रिटेन, हूती हमलों के बीच तैनात होंगे टाइफून जेट | international news
यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से लगातार बढ़ते हमलों के साए में जी रहे सऊदी अरब को बड़ी कूटनीतिक और सैन्य राहत मिली है। ब्रिटेन ने खाड़ी देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपने सैन्य समर्थन में इजाफा करने का फैसला किया है। इस रणनीतिक कदम के तहत ब्रिटेन के रॉयल एयर फोर्स (RAF) के टाइफून फाइटर जेट सऊदी अरब के ऊपर रक्षात्मक हवाई गश्त करेंगे।
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस तैनाती का मुख्य उद्देश्य ईरान समर्थित विद्रोहियों द्वारा दागी जाने वाली मिसाइलों और ड्रोन हमलों से सऊदी अरब के प्रमुख शहरों, आम नागरिकों और राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे की रक्षा करना है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि ब्रिटिश लड़ाकू विमान हूती ठिकानों पर सीधे तौर पर बमबारी या आक्रामक हमले नहीं करेंगे। इसके साथ ही, ब्रिटेन ने सऊदी क्षेत्र में एक सैन्य परिवहन विमान और विशेष सलाहकारों का एक दल भेजने का भी निर्णय लिया है।
सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाते हुए सऊदी विमानों को हवा में ही ईंधन उपलब्ध कराने की अवधि को आगामी 90 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है। ब्रिटिश प्रशासन का मानना है कि इस संघर्ष का कोई स्थायी सैन्य समाधान नहीं है, इसलिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में चल रही राजनीतिक प्रक्रिया का समर्थन जारी रहेगा। ब्रिटेन की ओर से यह भी साफ किया गया है कि यह मदद पूरी तरह संतुलित है और हूती हमलों से बचाव तक ही सीमित है।
हाल ही में रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यह सुरक्षा सहायता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। पिछले महीने सऊदी अरब ने कई प्रमुख पश्चिमी और एशियाई सहयोगियों से एयर डिफेंस में मदद की गुहार लगाई थी। इस क्षेत्रीय तनाव के बीच, ब्रिटेन का यह कदम मध्य पूर्व में कूटनीतिक समीकरणों को नया आयाम दे रहा है।
