रूस में भारत के लिए बड़ा मौका, निर्यात बढ़ाकर पैदा होंगी लाखों नौकरियां!
भारत के लिए रूस एक बड़ा निर्यात बाजार बन सकता है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करके भारत अपने निर्यात को कई गुना बढ़ा सकता है। वर्तमान में भारत रूस में सालाना सिर्फ पांच अरब डॉलर का निर्यात करता है, जबकि चीन का निर्यात 115 अरब डॉलर है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी जैसे कई आइटम शामिल हैं जिनका निर्यात भारत भी रूस में कर सकता है।
उदाहरण के लिए, भारत अभी रूस में सिर्फ 7.5 करोड़ डॉलर के स्मार्टफोन का निर्यात करता है, जबकि भारत स्मार्टफोन का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक देश बन चुका है। फार्मा निर्यात में भी बड़ी संभावना है, लेकिन अभी केवल 24.6 करोड़ डॉलर का निर्यात होता है। इसी तरह, गारमेंट निर्यात भी सिर्फ 2.9 करोड़ डॉलर है। जानकारों का कहना है कि इन सभी क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने की गुंजाइश है और ये सभी सेक्टर रोजगार परक हैं।
दोनों देशों के बीच स्थानीय करेंसी में लेन-देन की सुविधा भी धीरे-धीरे शुरू हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए ही रूस के राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान व्यापार समझौता करने की दिशा में बातचीत शुरू करने की पहल हो सकती है। वैश्विक बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका की तरफ से भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने के बाद निर्यात गिर रहा है, जिसकी भरपाई के लिए भारत सघन तरीके से वैकल्पिक बाजार की तलाश कर रहा है। रूस एक बड़ा विकल्प हो सकता है।
रूस ने हाल ही में भारत से समुद्री उत्पाद का आयात करने में दिलचस्पी दिखाई है, जिससे अमेरिका में प्रभावित होने वाले समुद्री निर्यात की कमी की भरपाई हो सकती है। दूसरी तरफ, रूस भारत में रक्षा उपकरणों का निर्माण भी शुरू कर सकता है। अमेरिका भारत को रूस से तेल खरीदारी पर रोक लगाने के लिए कह रहा है और तभी अमेरिका भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत के शुल्क को हटाएगा। भारत ने अब रूस से तेल खरीदारी में कटौती कर दी है। इस पर रूस ने भारत को यह संदेश दिया है कि वह भारत की मजबूरी को समझता है।
