उत्तराखंड में बाघों की गिनती का महाअभियान शुरू, 600 कैमरों से होगी निगरानी
उत्तराखंड में बाघों की आबादी का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के तहत एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। कुमाऊं में पहाड़ से लेकर तराई तक दिसंबर मध्य तक बाघों की गणना शुरू होनी है। इससे पहले दो चरणों में करीब 100 वन कर्मियों का प्रशिक्षण होगा, जो अपनी-अपनी डिवीजन में अन्य वन कर्मियों को ट्रेनिंग देंगे।
इसके बाद करीब 600 कैमरों की मदद से कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) समेत अन्य जगहों पर पांच चरणों में बाघों की गिनती की जाएगी। वन विभाग के पास 350 कैमरे हैं, जबकि 250 कैमरे भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआइआइ) और वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड की तरफ से मिलेंगे।
राज्य में कुल 560 बाघ हैं, जिनमें से सीटीआर के 260 बाघों की बदौलत कुमाऊं में 450 बाघ हैं। बाघों की गणना के लिए वनकर्मी जंगल में तीन दिन तक सर्वे करेंगे। बाघों के पदचिह्न, पेड़ों पर लगाए गए पंजों के निशान, मल के आधार पर रूट तय किए जाएंगे। बाघों के इन्हीं रूट पर कैमरे लगाए जाएंगे, जो उनकी कई तस्वीरें लेंगे। इन्हीं के आधार पर विश्लेषण करते हुए विज्ञानी बाघों की अंतिम गणना करेंगे।
बाघों की गणना के लिए दिसंबर मध्य तक फील्ड पर काम शुरू करने की तैयारी है। अगले साल अप्रैल-मई तक कैमरा ट्रैपिंग का काम पूरा हो जाएगा।
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