भागलपुर में बढ़ी ठंड, न्यूनतम पारा 11 के करीब, कोहरे का अनुमान
भागलपुर में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। सोमवार को न्यूनतम तापमान में अचानक दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और यह 11.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस गिरावट के कारण शाम के समय अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक ठंड महसूस की गई। हालांकि, दिन का अधिकतम तापमान लगभग स्थिर रहा, जिससे धूप राहत दे रही थी, लेकिन रातें सर्द होती जा रही हैं। रविवार को न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आने की प्रबल संभावना है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग का अनुमान है कि हवा की गति बढ़ने से तापमान में और कमी आएगी, जिससे ठंड का अहसास बढ़ेगा। साथ ही, दिनों-दिन धुंध का असर भी गहराता जाएगा और इसके छाए रहने की अवधि भी बढ़ सकती है। सुबह के समय चढ़ते दिन तक धुंध का प्रभाव बने रहने की उम्मीद है।
सोमवार को भागलपुर में अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा में 94 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई और पश्चिमी हवा महज 1.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि आने वाले समय में ठंड और बढ़ेगी।
बढ़ती ठंड का असर स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु रोग विभाग में ब्रोंकाइटिस से पीड़ित बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। जहां 15 नवंबर तक विभाग में प्रतिदिन आने वाले औसतन 70 से 80 बच्चों में से दो से तीन मरीज ही ब्रोंकाइटिस के होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 16 से 20 तक पहुंच गई है। यानी, ठंड बढ़ते ही ब्रोंकाइटिस से पीड़ित बच्चों की संख्या में लगभग बीस प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि ये बच्चे पांच से सात दिनों में उपचार के बाद ठीक होकर घर लौट रहे हैं। शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर प्रियदर्शी ने बताया कि ठंड के मौसम में बरती गई लापरवाही, विशेषकर दो महीने से दो साल तक के बच्चों के मामले में, उन्हें इस बीमारी का शिकार बना सकती है। अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
