बुलडोजर के डर से बीडीए की तिजोरी भरी, 2 माह में ₹12 करोड़ का राजस्व
बरेली शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) द्वारा चलाए जा रहे अभियान ने अवैध निर्माणकर्ताओं में खलबली मचा दी है। एक अक्टूबर से 30 नवंबर तक, शहर के विभिन्न हिस्सों में 57 से अधिक अवैध निर्माणों, जिनमें अवैध कॉलोनियां, बैरातघर और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल थे, को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई का असर अब दिखने लगा है, जहाँ पिछले दो महीनों में 120 से अधिक अवैध निर्माणकर्ताओं ने अपने भवनों के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने हेतु आवेदन किया है।
सूत्रों के अनुसार, इन आवेदनों में से बीडीए ने 13 भवनों के मानचित्र स्वीकृत किए हैं, जिससे प्राधिकरण को 12 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह दर्शाता है कि बुलडोजर के डर ने अवैध निर्माणकर्ताओं को नियमों का पालन करने और अपनी संपत्तियों को वैध कराने के लिए प्रेरित किया है। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने बताया कि अवैध निर्माण को रोकने के लिए आमजन को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही, नई बिल्डिंग बाइलॉज के तहत बिना मानचित्र बने भवनों के लिए कंपाउंडिंग (नियमन) का अवसर भी दिया जा रहा है।
इसके बावजूद, जो लोग लापरवाही कर रहे हैं, उनके खिलाफ नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जा रही है। एक अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच, बीडीए ने शहर में बिना मानचित्र के बने और निर्माणाधीन 230 से अधिक भवनों को नोटिस जारी किया था। इन भवन स्वामियों को मानचित्र जमा कराने या कंपाउंडिंग के लिए आवेदन करने का पर्याप्त समय दिया गया था। इस दौरान, कई भवन स्वामियों ने मानचित्र स्वीकृति का दावा किया, जबकि कई कंपाउंडिंग के लिए आवेदन करने की दौड़ में शामिल हो गए।
बीडीए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी तरह के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी नए भवन को खरीदने से पहले उसके मानचित्र संबंधी दस्तावेजों की अवश्य जांच कर लें। साथ ही, बिना मानचित्र के बने भवनों के लिए नई बिल्डिंग बाइलॉज के तहत कंपाउंडिंग का आवेदन कर मानचित्र स्वीकृत कराएं, अन्यथा नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
