बरेली से चलने वाली दो ट्रेनों में लगेंगे आधुनिक एलएचबी कोच, यात्री सफर होगा सुरक्षित
बरेली से चलने वाली दो महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनों, बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस और बरेली-इंदौर एक्सप्रेस, में जल्द ही पुराने आइसीएफ कोचों की जगह आधुनिक और अधिक सुरक्षित एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगाए जाएंगे। रेलवे बोर्ड के हालिया निर्देश के बाद, मुरादाबाद मंडल ने इस बड़े बदलाव को लागू करने की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी हैं। इस परिवर्तन से इन ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों के अनुभव में काफी सुधार होने की उम्मीद है, खासकर सुरक्षा और आराम के मामले में।nnसूत्रों के अनुसार, यह बदलाव फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस 14 फरवरी को बरेली से और 16 फरवरी को लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) से अपने नए एलएचबी कोचों के साथ यात्रा शुरू करेगी। इसी प्रकार, बरेली-इंदौर एक्सप्रेस 18 फरवरी को बरेली से और 19 फरवरी को इंदौर से एलएचबी रेक के साथ संचालित होगी। रेलवे प्रशासन ने इस बदलाव को यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा के रूप में देखा है।nnएलएचबी कोचों को भारतीय रेलवे द्वारा अब तक के सबसे सुरक्षित कोचों में गिना जाता है। इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि तेज गति से चलने पर भी इनमें झटके बहुत कम महसूस होते हैं। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में, ये कोच एक-दूसरे पर चढ़ने या पलटने की बजाय अपनी जगह पर बने रहते हैं, जिससे यात्रियों की जानमाल की सुरक्षा काफी बढ़ जाती है। बेहतर सस्पेंशन सिस्टम और आधुनिक ब्रेकिंग तकनीक के कारण इन कोचों में यात्रा बेहद आरामदायक होती है।nnवर्तमान में उपयोग किए जा रहे आइसीएफ (इंटिग्रल कोच फैक्ट्री) कोच पुराने डिजाइन पर आधारित हैं। तेज रफ्तार में इनमें अधिक झटके लगते हैं और दुर्घटना होने पर इनके एक-दूसरे पर चढ़ जाने का खतरा बना रहता है। इनकी सुरक्षित गति सीमा भी एलएचबी कोचों की तुलना में कम है, जो लगभग 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक ही सीमित है।nnइसके विपरीत, एलएचबी कोच जर्मन तकनीक पर आधारित हैं और इन्हें काफी मजबूत व स्थिर माना जाता है। ये कोच हल्के होते हुए भी बेहद टिकाऊ होते हैं और 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक बिना किसी परेशानी के सुरक्षित रूप से चल सकते हैं। इन कोचों में कुल 17 एलएचबी कोच होंगे, जिनमें आधुनिक सुविधाओं से युक्त कई विशेष कोच भी शामिल किए जा रहे हैं। यह कदम भारतीय रेलवे की सुरक्षा और यात्री सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।”
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