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ब्रिटेन में अवैध शरणार्थियों पर कसी जाएगी नकेल, नागरिकता के नियम होंगे सख्त

By Nov 17, 2025

ब्रिटेन में अवैध रूप से आने वाले शरणार्थियों पर अब सख्ती बरती जाएगी। देश की गृह मंत्री शबाना महमूद ने स्पष्ट किया है कि अवैध अप्रवासन देश को बांट रहा है और समाज में वैमनस्य को बढ़ावा दे रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार कड़े कदम उठाने की तैयारी में है।

सूत्रों के अनुसार, ब्रिटेन में शरणार्थियों को स्थायी नागरिकता प्राप्त करने के लिए प्रतीक्षा अवधि को काफी बढ़ाया जा सकता है। एक प्रस्ताव के तहत, अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वालों को नागरिकता के लिए 20 साल तक का लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। वर्तमान प्रणाली के तहत, शरणार्थी पांच वर्ष के बाद स्थायी निवास या अनिश्चितकालीन निवास अवकाश (आइएलआर) के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिससे वे सरकारी लाभ और नागरिकता के पात्र हो जाते हैं।

गृह मंत्री महमूद ने यह भी संकेत दिया है कि ब्रिटेन डेनमार्क की तर्ज पर शरणार्थी नियमों में बदलाव कर सकता है। डेनमार्क में स्थायी नागरिकता के लिए आठ साल की प्रतीक्षा अवधि है, जबकि ब्रिटेन में इसे बढ़ाकर 10 साल तक किया जा सकता है। हालांकि, यह नियम वैध तरीके से आने वाले अप्रवासियों पर लागू होगा।

महमूद ने कहा कि देश की शरणार्थी व्यवस्था को दुरुस्त करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन में शरणार्थी का दर्जा अस्थायी होगा। जिन लोगों के देश में शांति और सुरक्षा बहाल हो जाएगी, उन्हें तुरंत घर वापस भेज दिया जाएगा। इसके अलावा, हर 30 महीने में उनकी शरणार्थी स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष 1,11,000 लोगों ने ब्रिटेन में शरण का दावा किया था, और मार्च 2025 तक 1,72,798 लोगों को आइएलआर प्रदान किया गया था। तमाम देशों में अशांति के कारण लोग छोटी नावों या ट्रकों के माध्यम से ब्रिटेन पहुंचने का प्रयास करते हैं। कई लोग वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी रुक जाते हैं और फिर शरण का दावा करते हैं। सरकार का उद्देश्य शरणार्थी व्यवस्था में सुधार लाना और अवैध आप्रवासन पर अंकुश लगाना है।

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