बरेली में ई-बस सेवा बंद, यात्रियों को रोडवेज बसों से मिलेगी राहत
बरेली में शीशगढ़ और शेरगढ़ मार्ग पर नगर निगम द्वारा संचालित की जा रही इलेक्ट्रॉनिक (ई) बसों का संचालन सोमवार से बंद कर दिया गया है। इन बसों को अब शहर के भीतर ही चलाया जाएगा। ई- बसों के बंद होने से इन मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें गंतव्य तक पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो असुरक्षित और अव्यवस्थित हैं।
परिवहन निगम ने यात्रियों की समस्या को देखते हुए इन रूटों पर रोडवेज बसों के संचालन की तैयारी की है। बरेली डिपो के एआरएम संजीव कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, शुरुआत में इन रूटों पर रोजाना दो से चार रोडवेज बसें चलाई जाएंगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि लोगों को नियमित और सुरक्षित यातायात सुविधा मिल सके।
शीशगढ़ से बरेली तक संचालित होने वाली करीब आधा दर्जन ई-बसें बंद होने से स्थानीय लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। डेढ़ दर्जन निजी बसों का संचालन चार महीने पहले ही बंद हो चुका था, जिसके बाद से इस मार्ग पर अवैध टैम्पो का कब्जा हो गया था। सोमवार को बसें बंद होने का पहला दिन यात्रियों के लिए बेहद कष्टदायक रहा, जिसमें व्यापारियों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। जिला मुख्यालय, कोर्ट-कचहरी और इलाज के लिए बरेली आने-जाने वाले लोगों के लिए यह एक गंभीर समस्या बन गई है।
इस मामले में मीरगंज विधायक डा. डीसी वर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरेली रोडवेज और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की। यात्रियों की सुविधा को सर्वोपरि मानते हुए, उन्होंने क्षेत्र के लिए 10 नई रोडवेज बसें शुरू कराने में सफलता प्राप्त की है। इन बसों के नियमित संचालन से शीशगढ़, शेरगढ़, फतेहगंज पश्चिमी और शाही कस्बों को बरेली से फिर से जोड़ा जाएगा, जिससे आमजन को आवागमन में राहत मिलेगी। विधायक ने आश्वासन दिया है कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
वहीं, शीशगढ़ कस्बे की चेयरमैन नीलोफर ने भी परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर शीशगढ़ से बरेली जिला मुख्यालय और मीरगंज तहसील मुख्यालय तक रोडवेज बसों के संचालन की मांग की है, ताकि स्थानीय लोगों और मरीजों को राहत मिल सके। वर्तमान में फर्राटे से दौड़ रहे अवैध टैम्पो पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि ये वाहन अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। ई-बसों के बंद होने और अवैध वाहनों के बढ़ते चलन के बीच रोडवेज बसों का संचालन यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
