बरेली की बदहाल एंट्री: गड्ढे और सूखे पौधे शहर की छवि बिगाड़ रहे
बरेली शहर में प्रवेश करते ही यात्रियों का सामना बदहाल सड़कों और उपेक्षित डिवाइडरों से होता है, जो शहर की छवि पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है। लाल फाटक फ्लाइओवर से रामगंगा की ओर उतरते ही कंधरपुर गांव के पास एक डेढ़ फुट गहरा गड्ढा वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पर मजबूर कर रहा है। यह गड्ढा न केवल दैनिक यात्रियों के लिए परेशानी का सबब है, बल्कि रात के समय और भी खतरनाक हो जाता है, जब यह आसानी से दिखाई नहीं देता। गांव की तरफ से आने वाले वाहनों के साथ मिलकर यहां हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
यह स्थिति केवल लाल फाटक तक ही सीमित नहीं है। शहर के प्रवेश बिंदुओं पर लगे डिवाइडरों पर लगाए गए पौधे भी सूख चुके हैं, जबकि कुछ स्थानों पर डिवाइडरों के पौधे बढ़कर पेड़ बन चुके हैं। मंगलवार को किए गए एक सर्वेक्षण में शहर की प्रमुख सड़कों और डिवाइडरों की यही दयनीय स्थिति सामने आई। शहर में प्रवेश करते समय सड़कों और डिवाइडरों की यह बदहाली बाहर से आने वाले यात्रियों के मन में शहर के प्रति पहली धारणा को खराब करती है, जो शहर की प्रतिष्ठा के लिए हानिकारक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष अभियान चलाकर नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के प्रवेश द्वारों की सड़कों और डिवाइडरों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने भी संबंधित विभागों के अधिकारियों को पंद्रह दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के बावजूद, धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है और कहीं भी कोई सुधार या सक्रियता नजर नहीं आ रही है। यह सवाल उठता है कि सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए जिम्मेदार विभाग इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कितने गंभीर हैं। बरेली-दिल्ली रोड जैसे प्रमुख प्रवेश मार्ग की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहां गड्ढों और उपेक्षित डिवाइडरों की भरमार है। इस लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है और शहर की सुंदरता व सुरक्षा दोनों खतरे में हैं।
