14 अंकों की आभा आईडी से पाएं स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटल एक्सेस
स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव आने वाला है, जहाँ आपकी सम्पूर्ण मेडिकल हिस्ट्री अब सिर्फ 14 अंकों की एक आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) आईडी से जुड़ जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत, मरीज अपनी पूरी स्वास्थ्य रिपोर्ट किसी भी डॉक्टर को मिनटों में दिखा सकेंगे, जिससे इलाज की प्रक्रिया बेहद सरल और तेज हो जाएगी।
बरेली में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए सर्वे में 44 लाख से अधिक लोगों को सूचीबद्ध किया गया था, जिन्हें इस आभा आईडी से जोड़ना है। वर्तमान में, इनमें से लगभग 27 लाख लोगों की आईडी बनाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि मार्च तक शेष बचे लगभग 17 लाख लोगों की आईडी भी तैयार कर ली जाए। यह आभा कार्ड आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का हिस्सा है, जो एक प्रकार का डिजिटल हेल्थ कार्ड है।
इस 14 अंकों की आईडी का उपयोग करके, आप न केवल अपनी मेडिकल रिकॉर्ड्स को ऑनलाइन उपलब्ध करा सकेंगे, बल्कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ भी आसानी से उठा सकेंगे। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, यह आईडी लोगों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट किसी भी चिकित्सक को आसानी से दिखाने में मदद करेगी, जिससे निदान और उपचार में काफी सुविधा होगी।
वर्तमान में अस्पतालों में ओपीडी के लिए लंबी कतारों में लगने से मरीजों का काफी समय बर्बाद होता है और उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। आभा आईडी बनने के बाद, लोग घर बैठे ऑनलाइन पर्चे बनवा सकेंगे और सीधे ओपीडी में जाकर डॉक्टर को दिखा सकेंगे, जिससे लाइन में लगने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। जिला अस्पताल में ऑनलाइन पर्चा बनवाने की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लोगों को जागरूक करने और अभियान चलाकर आईडी बनवाने पर जोर दिया जा रहा है।
यह डिजिटल हेल्थ आईडी लोगों को विभिन्न बीमा योजनाओं और सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़ने में भी मदद करेगी। पूरे भारत में सत्यापित डॉक्टरों, अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ अपनी लैब रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन, अस्पताल के भर्ती और डिस्चार्ज के विवरण, एमआरआई रिपोर्ट आदि साझा करना संभव होगा। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
