बक्सर में घंटाघर की घड़ी फिर से सक्रिय, हर घंटे बजेगी घंटी, रात 11 बजे तक सायरन
बक्सर के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शहर के हृदय स्थल पर स्थित घंटाघर की घड़ी, जो लंबे समय से बंद पड़ी थी, अब फिर से समय बताएगी। सूत्रों के अनुसार, घड़ी की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है और इसे सुचारू रूप से चालू कर दिया गया है। इससे शहरवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, जो इस ऐतिहासिक धरोहर को पुनर्जीवित होते देख रहे हैं।
घड़ी की मरम्मत के लिए दिल्ली से विशेष कारीगरों की एक टीम बुलाई गई थी, जिन्होंने कई दिनों तक कड़ी मेहनत की। उन्होंने घड़ी को आधुनिक तकनीकों से लैस किया है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि घड़ी को जीपीएस सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे समय अपने आप सटीक बना रहेगा। अब समय कम-ज्यादा होने की समस्या पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा, घड़ी में आकर्षक लाइटें भी लगाई गई हैं, जो रात में इसकी सुंदरता को बढ़ाएंगी।
नगर प्रबंधक नीरज झा ने बताया कि अब हर घंटे घड़ी की घंटी बजेगी और रात 11 बजे तक सायरन की आवाज सुनाई देगी। इसके लिए एम्पलीफायर मशीनें लगाई जा रही हैं ताकि घंटी और सायरन की आवाज दूर तक सुनाई दे सके। यह पहल सिर्फ समय बताने तक ही सीमित नहीं रहेगी। नगर परिषद इस घड़ी पर एक आधुनिक साउंड सिस्टम लगाने की भी योजना बना रहा है।
इस साउंड सिस्टम के माध्यम से नगर परिषद विभिन्न योजनाओं, स्वच्छता संदेशों और अन्य महत्वपूर्ण घोषणाओं को पूरे क्षेत्र में प्रसारित कर सकेगा। इससे लोगों को जरूरी सूचनाएं समय पर मिलेंगी और नगर परिषद की गतिविधियों की जानकारी भी आसानी से आमजन तक पहुंच सकेगी।
घंटाघर की घड़ी के फिर से शुरू होने से शहरवासियों में उत्साह है। लोग इसे शहर की धरोहर मानते हैं और इसके पुनर्जीवित होने को बक्सर के गौरव से जोड़कर देख रहे हैं। शहर के लोगों का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो शहर की पहचान को और मजबूत करेगा।
यह पहल न केवल समय की पाबंदी को बढ़ावा देगी, बल्कि शहर की सुंदरता और नागरिकों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाएगी। घंटाघर की घड़ी अब बक्सर शहर की एक नई पहचान बनेगी, जो समय के साथ-साथ शहरवासियों को गर्व की भावना भी देगी।
