बिहार नतीजों पर सहयोगी दल का कांग्रेस पर तंज: ‘सोए हुए व्यक्ति को जगाया नहीं जा सकता’
हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद, सहयोगी दलों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए, पार्टी के फैसलों पर सवालिया निशान लगाए हैं।
सूत्रों के अनुसार, आनंद दुबे ने कांग्रेस के बिहार चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी मुंबई नगर निकाय चुनाव में अकेले लड़ने की जो मंशा रखती है, उससे वह 2-4 सीटों पर सिमट सकती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगता है कि वह बहुत ताकतवर है, लेकिन उन्हें शायद यह नहीं पता कि ‘सोए हुए व्यक्ति को जगाया नहीं जा सकता’।
दुबे ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि कांग्रेस महा विकास अघाड़ी में अकेली राष्ट्रीय पार्टी है और अक्सर राष्ट्रीय ताकत बनने की ख्वाहिश रखती है। हालांकि, ऐसा लगता है कि पार्टी ने बिहार में मिली हालिया हार से कोई सबक नहीं सीखा है।
उन्होंने बिहार चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए, जहां पार्टी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था, लेकिन अपनी सीटों की संख्या 61 से घटाकर 6 कर ली।
इस बीच, महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया है कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) चुनाव में महायुति गठबंधन के तहत भाजपा, शिवसेना और एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
बावनकुले ने बताया कि गठबंधन का लक्ष्य BMC चुनावों में दो-तिहाई सीटें और 51 प्रतिशत वोट शेयर हासिल करना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान कांग्रेस के लिए एक चेतावनी हैं, और उन्हें अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में कांग्रेस इन आलोचनाओं का किस तरह जवाब देती है और क्या वह अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस पाने में सफल हो पाती है।
