बिहार में दमघोंटू हुई हवा: पटना का समनपुरा और हाजीपुर सबसे प्रदूषित
बिहार में जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, वैसे-वैसे वायु प्रदूषण भी एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। राजधानी पटना सहित प्रदेश के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है, जिससे लोगों के लिए सांस लेना भी दूभर होता जा रहा है। बुधवार को पटना का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 164 दर्ज किया गया, जो मंगलवार के 196 से कुछ कम था, लेकिन अभी भी ‘मध्यम’ श्रेणी में बना हुआ है।
राजधानी में सबसे खराब स्थिति समनपुरा इलाके की रही, जहां का AQI 225 रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, समनपुरा में बढ़ते प्रदूषण का मुख्य कारण बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण कार्य और सड़कों की अपर्याप्त सफाई है, जिससे धूल की मोटी परतें जमा हो जाती हैं। वहीं, पूरे प्रदेश की बात करें तो हाजीपुर सबसे प्रदूषित शहर के रूप में सामने आया, जहां का AQI 187 दर्ज किया गया। इसके विपरीत, आरा की हवा प्रदेश में सबसे स्वच्छ रही, जिसका AQI मात्र 49 था।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सर्दी के दिनों में वायु प्रदूषण का बढ़ना एक आम बात है। तापमान गिरने के कारण हवा ठंडी और भारी हो जाती है, जिससे प्रदूषक तत्व हवा में नीचे ही फंसे रहते हैं और उनका फैलाव नहीं हो पाता। इसके अलावा, सर्दियों में हवा में नमी की कमी भी एक बड़ा कारक है। नमी की कमी के कारण प्रदूषित कण आपस में चिपक कर जमीन पर नहीं गिर पाते और हवा में तैरते रहते हैं। सर्द दिनों में छाने वाले धुंध और कोहरे भी इन प्रदूषक कणों को अपने अंदर समेट लेते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाता है।
बढ़ते प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी शिकायतें हो रही हैं। विशेषज्ञों ने नागरिकों से सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है। प्रशासन को भी निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और सड़कों की नियमित सफाई जैसे उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि इस गंभीर समस्या से निपटा जा सके।
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