Bahraich news: आदमखोर तेंदुआ पिंजरे में कैद, एक बच्चे की ले चुका था जान
बहराइच जिले के नानपारा रेंज में पिछले कुछ महीनों से आतंक का पर्याय बन चुके एक तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। यह तेंदुआ लंबे समय से खैरीघाट थाना क्षेत्र के गांवों में घूम रहा था और इसने कई मवेशियों का शिकार भी किया था। इस तेंदुए के हमलों से क्षेत्र में दहशत का माहौल था, क्योंकि यह एक बच्चे की जान ले चुका था और एक बच्ची को गंभीर रूप से घायल कर चुका था।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह तेंदुआ 25 दिसंबर को बल्दपुरवा गांव में एक बच्चे को मार चुका था। इसके बाद दिसंबर से फरवरी के बीच इसने कई मवेशियों पर हमला किया। लगभग एक सप्ताह पहले बाजपुरवा गांव में घास छीलने गई एक बच्ची तस्लीम पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। बच्ची अभी भी मेडिकल कॉलेज में भर्ती है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
बुधवार की रात लगभग ढाई बजे वन विभाग की टीम ने गौड़िया गांव के पास पिंजरा लगाया। यह वही जगह थी जहां हाल ही में तेंदुए ने एक बछिया को भी मार डाला था। पिंजरे में बकरी को चारा बनाकर रखा गया था। बकरी की आवाज सुनकर तेंदुआ पिंजरे की ओर आया और जैसे ही उसने झपट्टा मारा, वह कैद हो गया।
तेंदुए को पकड़ने के बाद वन विभाग के अधिकारी उसे नानपारा रेंज कार्यालय ले गए। यहां उसका मेडिकल परीक्षण किया जाएगा और इसके बाद उसे कतर्नियाघाट वन्यजीव रेंज के प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर से स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
