बदमाशों ने आटा व्यापारी के चालक से लूटी डेढ़ लाख की नकदी और स्कूटी
मवाना के परीक्षितगढ़ में मंगलवार दोपहर एक आटा व्यापारी के चालक के साथ लूट की सनसनीखेज वारदात हुई। नकाबपोश बदमाशों ने तमंचे के बल पर चालक से स्कूटी और उसकी डिग्गी में रखे डेढ़ लाख रुपये नकद लूट लिए। विरोध करने पर बदमाशों ने चालक को गोली मारने की धमकी भी दी।
मिली जानकारी के अनुसार, रामनगर निवासी लख्मीचंद जिन्दल फूड प्राडक्ट्स के नाम से फ्लोर मिल चलाते हैं और बालाजी भोग आटा की पैकिंग कर कस्बा व आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करते हैं। उनके यहां भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव जेई निवासी शेर मोहम्मद गाड़ी चलाने का काम करता है। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे व्यापारी ने चालक शेर मोहम्मद को कुछ पेड़ों की छंटाई के लिए दांव लाने हेतु स्कूटी से खानपुर संपर्क मार्ग स्थित खेत पर भेजा था।
जैसे ही शेर मोहम्मद फ्लोर मिल से करीब दो सौ मीटर दूर गांधी स्मारक डिग्री कालेज के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे दो बाइकों पर सवार आधा दर्जन नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोक लिया। बदमाशों ने तमंचा निकालकर शेर मोहम्मद पर तान दिया और उसे गोली मारने की धमकी देते हुए मारपीट की। पीड़ित चालक ने बदमाशों का विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन बदमाश उस पर हावी हो गए और उसकी स्कूटी छीनकर फरार हो गए। स्कूटी की डिग्गी में रखे डेढ़ लाख रुपये भी बदमाश ले उड़े।
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुदेशपाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत क्षेत्र में नाकेबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका। बाद में सीओ शिवप्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित चालक शेर मोहम्मद से घटना का ब्यौरा लिया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें यह पूरी वारदात कैद हो गई है। फुटेज में कुछ बदमाशों के चेहरे भी नजर आ रहे हैं। एसपी देहात अभिजीत सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़ित से घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, आटा व्यापारी अपनी दुकान का पैसा वसूली के लिए अक्सर स्कूटी का ही इस्तेमाल करता था। वह स्कूटी की डिग्गी में नकदी रखकर उसे सुरक्षित समझता था। गेहूं खरीद की देनदारी चुकाने के लिए भी इसी नकदी का प्रयोग किया जाता था। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि शेर मोहम्मद की स्कूटी में सामान्य तौर पर एक से दो लाख रुपये रखे रहते थे, लेकिन आज उसमें डेढ़ लाख रुपये ही थे। पुलिस इस पहलू को भी जांच का आधार मान रही है और किसी नजदीकी व्यक्ति की संलिप्तता की भी आशंका से इनकार नहीं कर रही है।
