बौंसी में 250 करोड़ का वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, चीन की आधुनिक तकनीक से होगा संचालन
भागलपुर जिले के बौंसी में प्रदेश का एक महत्वपूर्ण वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित होने जा रहा है। लगभग 250 करोड़ रुपये की भारी लागत से बनने वाले इस अत्याधुनिक संयंत्र में चीन की नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्लांट में लगने वाली मशीनरी और उपकरणों की लागत ही करीब 95 करोड़ रुपये आंकी गई है।nnराज्य में बेहतर सुरक्षा माहौल और अन्य सहायक सुविधाओं की उपलब्धता के कारण निजी निवेशक इस महत्वाकांक्षी परियोजना में रुचि दिखा रहे हैं। इस परियोजना से भागलपुर कटहलबाड़ी के युवा उद्यमी जयकांत भी जुड़े हुए हैं। देश और विदेश की पांच कंपनियों के सहयोग से इस प्लांट को वर्ष 2027 तक चालू करने की योजना है। इस दिशा में, बिहार सरकार ने कम लागत पर बौंसी में तीन एकड़ जमीन उपलब्ध कराकर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है।nnसूत्रों के अनुसार, इंटरप्रेन्योर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अभिषेक सिंह की पहल पर जयकांत को हाल ही में चीन भेजा गया था। वहां उनके विजन और प्रस्तुति ने विदेशी कंपनियों को इतना प्रभावित किया कि वे मशीनरी और उपकरण उपलब्ध कराने के लिए आगे आईं।nnजयकांत ने बताया कि इस परियोजना में 150 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश किया जाएगा, जबकि 100 करोड़ रुपये प्लांट के संचालन शुरू करने पर खर्च होंगे। जमीन, बिजली, मजदूर और सब्सिडी के रूप में बिहार सरकार ने आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया है।nnइस वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के माध्यम से 100 किलोमीटर के दायरे में फैले घरों से कचरा एकत्र किया जाएगा। कचरा देने वाले लोगों को इसके बदले तत्काल भुगतान और रिवार्ड कूपन देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए एक विशेष मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है। इस ऐप पर संदेश भेजते ही घर से कचरा उठाने के लिए एक विशेष टीम मौके पर पहुंच जाएगी।nnइस कार्य से जुड़े स्थानीय निवासियों के अनुसार, घरों से प्लास्टिक, दूध की थैलियां, पुराने कपड़े, लोहा, इलेक्ट्रॉनिक सामान और जूते-चप्पल जैसी वस्तुएं एकत्र की जाएंगी। प्लांट में प्लास्टिक कचरे से कैरी बैग, कुर्सी, टेबल, टूथब्रश, पानी की टंकी और पाइप जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। वहीं, जूते-चप्पल के कचरे से नए जूते-चप्पल बनाए जाएंगे और बासी या पुराना खाना जैसे जैविक कचरे से बायो कम्पोस्ट खाद तैयार की जाएगी।nnजयकांत ने आगे बताया कि लोगों से लिए जाने वाले कचरे की कीमत भी तय की गई है। मिक्स कचरा एक किलो पर 10 रुपये, प्लास्टिक कचरा एक किलो पर 15-17 रुपये और खाने का कचरा एक किलो पर 5 रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्हें रिवार्ड कूपन भी प्रदान किए जाएंगे।nnवर्तमान में, बियाडा परिसर में ट्रायल के आधार पर एक वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। यहां कचरे से दाने तैयार किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग विभिन्न फुटवियर उत्पादों के निर्माण में किया जा रहा है।”
